बिहार राज्यसभा चुनाव परिणाम: एनडीए की बड़ी जीत और विपक्षी खेमे में सेंधमारी का ट्रेंड समरी (Trend Summary)
बिहार में 16 मार्च 2026 को राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की है। इस चुनाव में विपक्षी महागठबंधन के कई विधायकों के अनुपस्थित रहने और क्रॉस वोटिंग की खबरों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद एनडीए कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

मुख्य बातें (TL;DR)
- एनडीए ने बिहार की सभी 5 राज्यसभा सीटों पर कब्जा कर लिया है।
- महागठबंधन के कई विधायक वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहे या पाला बदला।
- आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
- यह जीत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद एनडीए के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली घटना है।
क्या हुआ?
बिहार विधानसभा परिसर में 16 मार्च को राज्यसभा की रिक्त सीटों को भरने के लिए मतदान हुआ, जिसके परिणाम स्वरूप भाजपा और जदयू समर्थित एनडीए गठबंधन ने सभी 5 सीटों पर जीत हासिल की। चुनाव प्रक्रिया के दौरान आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन को तब बड़ा झटका लगा जब उनके खेमे के कुछ विधायक सदन से नदारद मिले। आरजेडी विधायक फैसल रहमान ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि कांग्रेस के तीन विधायकों की रिपोर्ट भी हाईकमान को भेजी जा रही है।

अगर इन लोगों ने गद्दारी नहीं की होती तो परिणाम कुछ और होते। यह भाजपा की साजिश का हिस्सा है।
प्रमुख घटनाक्रम
मतदान के दिन महागठबंधन के खेमे में भारी अफरा-तफरी देखी गई। आरजेडी के उम्मीदवार एडी सिंह चुनाव हार गए, जिन्होंने हार के बाद बयान दिया कि पार्टी के भीतर ही कुछ बड़ी गड़बड़ी हुई है। नालंदा के एकंगरसराय सहित राज्य के कई इलाकों में एनडीए समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर इस जीत का स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ने पुष्टि की है कि उन 3 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने गठबंधन के पक्ष में वोट नहीं दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह परिणाम बिहार की राजनीति में शक्ति संतुलन को दर्शाता है। राज्यसभा में एनडीए की संख्या बढ़ने से केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में मदद मिलेगी। वहीं, तेजस्वी यादव के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि यह उनकी रणनीति और पार्टी एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद यह पहला बड़ा मुकाबला था जिसे एनडीए ने प्रभावी ढंग से जीता है।

आगे क्या होगा?
विपक्षी दल अब उन विधायकों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की या अनुपस्थित रहे। कांग्रेस और आरजेडी दोनों ने संकेत दिए हैं कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत विधायकों को निष्कासित किया जा सकता है। आगामी दिनों में बिहार विधान परिषद और अन्य स्थानीय निकायों के चुनावों पर भी इस परिणाम का असर देखने को मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
बिहार में राज्यसभा की कुल 5 सीटों के लिए मतदान हुआ और एनडीए ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की।
आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की हार का क्या कारण रहा?
आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की हार का मुख्य कारण महागठबंधन के विधायकों की अनुपस्थिति और संभावित क्रॉस वोटिंग रही।
क्या किसी विधायक ने मतदान का बहिष्कार किया?
आरजेडी विधायक फैसल रहमान मतदान के लिए नहीं पहुंचे, जिससे विपक्ष का गणित बिगड़ गया।
क्या कांग्रेस अपने विधायकों पर कोई कार्रवाई करेगी?
हाँ, कांग्रेस नेता राजेश के अनुसार, वोट न देने वाले 3 विधायकों की रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई है और उन पर कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
Resources
Sources and references cited in this article.