बिजनौर में चलते वाहन के एक्सल में फंसा दुपट्टा, दवा लेने जा रही महिला की मौत
शनिवार दोपहर बिजनौर की नूरपुर रोड पर एक सामान्य सफर कुछ ही क्षणों में जानलेवा हादसे में बदल गया। हल्दौर क्षेत्र की सुमन अपने बेटे और रिश्तेदार के साथ दवा लेने बिजनौर जा रही थीं, तभी बाइक ठेली के घूमते एक्सल में उनका दुपट्टा फंस गया। तेज खिंचाव से उनके गले और गर्दन पर गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

क्या हुआ
यह दुर्घटना शहर कोतवाली क्षेत्र में नूरपुर रोड पर रूट्स स्कूल या कॉलेज के पास दोपहर करीब 2 बजे हुई। सुमन बाइक ठेली या जुगाड़ वाहन पर बैठकर बिजनौर की ओर जा रही थीं। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक उनके साथ बेटा प्रशांत और रिश्तेदार रोहित मौजूद थे।
यात्रा के दौरान दुपट्टा वाहन के पहिए और एक्सल के हिस्से की ओर चला गया और घूमते हुए हिस्से में लिपट गया। अचानक हुए तेज खिंचाव के कारण सुमन सड़क पर गिर गईं और उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य रिपोर्टों में मौके पर ही मौत होने की बात कही गई है।
घटना की पृष्ठभूमि
सुमन हल्दौर थाना क्षेत्र के मोहल्ला खेड़ा की रहने वाली थीं। वे परिवार के सदस्य के साथ दवा लेने बिजनौर जा रही थीं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका छोटा बेटा बीमार था और वे उसे दवा दिलाने जा रही थीं, जबकि अन्य रिपोर्टों में सुमन के स्वयं दवा लेने जाने का उल्लेख है।

पुलिस जांच में एक और अहम बात सामने आई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक बाइक ठेली का फट्टा टूटा हुआ था। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि इसी स्थिति में दुपट्टा एक्सल तक पहुंचकर उसमें लिपट गया और गंभीर चोट का कारण बना।
नई जानकारी में क्या सामने आया
रविवार को प्रकाशित विस्तृत रिपोर्टों ने दुर्घटना के घटनाक्रम को अधिक साफ किया। लाइव हिन्दुस्तान ने बताया कि ठेली की रफ्तार तेज थी और दुपट्टा फंसने के बाद किसी को संभलने का समय नहीं मिला। दैनिक जागरण के अनुसार दुर्घटना के बाद जुगाड़ बाइक भी पलट गई और रोहित को मामूली चोट आई।

जागरण की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि परिवार शुरुआत में पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता था। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस शुरुआती तौर पर दुपट्टे के एक्सल में फंसने को दुर्घटना की वजह मानते हुए पूरे मामले की जांच कर रही है।
इसका क्या मतलब है
यह हादसा खुले या ऐसे वाहनों में सफर के दौरान ढीले कपड़ों से जुड़े जोखिम को बेहद स्पष्ट करता है। एक्सल और पहिया लगातार घूमने वाले हिस्से हैं। यदि दुपट्टा, स्कार्फ या कपड़े का लंबा सिरा उनमें पहुंच जाए, तो वह सेकंडों में तेजी से लिपट सकता है और यात्री को गंभीर चोट पहुंचा सकता है।
इस घटना में टूटे फट्टे का उल्लेख भी अहम है, क्योंकि वाहन की बनावट या क्षतिग्रस्त हिस्से यात्री और घूमते यांत्रिक भागों के बीच सुरक्षित दूरी घटा सकते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्थापित नहीं होता कि वाहन की तकनीकी स्थिति पर कोई अलग कानूनी निष्कर्ष निकाला गया है, लेकिन पुलिस जांच में इस पहलू की जानकारी दर्ज की गई है।
क्या अभी साफ नहीं है
सुमन की उम्र को लेकर स्रोतों में अंतर है। आजतक और लाइव हिन्दुस्तान ने उन्हें 50 वर्ष बताया है, जबकि दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण में उम्र 55 वर्ष लिखी गई है। इसलिए उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर उनकी सटीक उम्र निश्चित रूप से बताना संभव नहीं है।
यह भी अलग-अलग तरीके से रिपोर्ट हुआ है कि वे खुद दवा लेने जा रही थीं या बीमार बेटे को दवा दिलाने। दुर्घटना का मुख्य घटनाक्रम सभी रिपोर्टों में समान है—दुपट्टा बाइक ठेली के एक्सल या पहिए में फंसा और गंभीर गर्दन की चोट से उनकी मौत हुई। पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई का अंतिम परिणाम उपलब्ध स्रोतों में नहीं दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिजनौर में हादसा कहां हुआ?
हादसा नूरपुर रोड पर रूट्स स्कूल या कॉलेज के पास, शहर कोतवाली क्षेत्र में हुआ।
महिला की मौत कैसे हुई?
उनका दुपट्टा बाइक ठेली के घूमते एक्सल या पहिए में फंस गया। तेज खिंचाव से गर्दन पर गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई।
हादसा किस समय हुआ?
पुलिस को शनिवार दोपहर करीब 2 बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी।
मृत महिला कौन थीं?
उनकी पहचान हल्दौर क्षेत्र के मोहल्ला खेड़ा निवासी सुमन, पत्नी बाबूराम के रूप में हुई है।
क्या वाहन में कोई खराबी बताई गई?
कुछ रिपोर्टों के अनुसार बाइक ठेली का फट्टा टूटा हुआ था, जिससे दुपट्टा एक्सल तक पहुंच गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने घटनास्थल की जांच की, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले में आगे की कानूनी जांच शुरू की।
Resources
Sources and references cited in this article.
