RBI Auto Debit Rule Change: अब बैंक खाते से नहीं कटेंगे अचानक पैसे, जानें नए नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऑटो-डेबिट भुगतान के नियमों में बदलाव किया है। अब 15,000 रुपये तक के भुगतान के लिए ओटीपी की आवश्यकता नहीं होगी और अंतरराष्ट्रीय भुगतान से 24 घंटे पहले ग्राहकों को सूचित करना अनिवार्य होगा।

RBI New Auto Debit Rules 2026: 15000 Limit and e-Mandate Update
Last UpdateApr 22, 2026, 3:12:57 PM
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RBI का ऑटो-डेबिट पर बड़ा फैसला: अब बिना सूचना नहीं कटेंगे पैसे, नियमों में हुए ये बदलाव

कल्पना कीजिए, आप सुबह उठते हैं और फोन पर मैसेज आता है कि आपके बैंक खाते से एक भारी-भरकम सब्सक्रिप्शन राशि काट ली गई है जिसके बारे में आप भूल चुके थे। अब ऐसी 'सरप्राइज' कटौती पर लगाम लगने वाली है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और ग्राहकों के अनुकूल बनाने के लिए ई-मेंडेट (e-mandate) के नियमों में बड़े फेरबदल किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपके बिजली बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन और ईएमआई भुगतान पर पड़ेगा।

RBI ऑटो डेबिट नियम
आरबीआई ने ऑटो-डेबिट भुगतान के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

ऐसे बदल जाएगी आपकी पेमेंट की दुनिया

आरबीआई के नए फ्रेमवर्क के अनुसार, अब किसी भी रिकरिंग पेमेंट (बार-बार होने वाले भुगतान) से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को नोटिफिकेशन भेजना अनिवार्य होगा। यह नियम खासकर अंतरराष्ट्रीय सब्सक्रिप्शन और विदेशी ऑटो-पेमेंट पर सख्ती से लागू होगा। 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' वाली स्थिति से बचने के लिए अब ग्राहकों के पास यह अधिकार होगा कि वे उस नोटिफिकेशन को देखकर भुगतान को रोक सकें।

सबसे बड़ी राहत उन लोगों के लिए है जिनका कार्ड एक्सपायर हो जाता था। अक्सर कार्ड बदलने पर नेटफ्लिक्स या जिम की मेंबरशिप रुक जाती थी और दोबारा सेटअप करना सिरदर्द होता था। अब नए नियमों के तहत, कार्ड बदलने या एक्सपायर होने पर भी आपका ई-मेंडेट बना रहेगा, बशर्ते बैंक ने उसे नए कार्ड पर मैप कर दिया हो। इससे आपकी जरूरी सेवाएं बाधित नहीं होंगी।

बारीकियों को समझना है जरूरी

आरबीआई ने भुगतान की सीमा को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया है। 15,000 रुपये तक के ऑटो-पेमेंट के लिए अब ओटीपी (OTP) की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, यदि भुगतान की राशि इस सीमा से अधिक है, तो 'अतिरिक्त सत्यापन' (Additional Factor Authentication) अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि बड़े ट्रांजैक्शन बिना आपकी सक्रिय सहमति के नहीं हो पाएंगे।

डिजिटल भुगतान सुरक्षा
नए नियम ग्राहकों को उनके बैंक खातों पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करते हैं।

बैंकों को अब एक ऐसी प्रणाली विकसित करनी होगी जहां ग्राहक आसानी से अपने सभी ई-मेंडेट्स को एक ही जगह देख सकें और उन्हें मैनेज कर सकें। यहां कुछ प्रमुख तकनीकी बदलाव दिए गए हैं:

ई-मेंडेट (e-Mandate)
बैंक को दी गई वह डिजिटल अनुमति जिसके जरिए तय तारीख पर आपके खाते से पैसे अपने आप कट जाते हैं।
एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA)
सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत, जैसे ओटीपी या बायोमेट्रिक, जो बड़े लेनदेन की पुष्टि के लिए जरूरी है।

क्या कहते हैं जानकार?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। अक्सर लोग पुराने सब्सक्रिप्शन रद्द करना भूल जाते हैं और पैसे कटते रहते हैं। अब 24 घंटे पहले मिलने वाला अलर्ट ग्राहकों को 'चेक और बैलेंस' रखने की सुविधा देगा।

आरबीआई का यह नया फ्रेमवर्क डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाने के लिए है। यह सुनिश्चित करता है कि ग्राहकों का अपने पैसे पर पूरा नियंत्रण रहे और बैंक मनमानी न कर सकें।

बैंकिंग विशेषज्ञ, वित्तीय नियामक सलाहकार

आम आदमी पर क्या होगा असर?

भारत में डिजिटल भुगतान की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज है, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं। इन नियमों से 90 करोड़ से ज्यादा बैंक खाताधारकों को फायदा होगा। अब आपको हर महीने छोटी-छोटी पेमेंट के लिए ओटीपी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन पर नियंत्रण मिलने से विदेशी फ्रॉड की गुंजाइश भी कम होगी।

आरबीआई ई-मेंडेट
कार्ड बदलने पर भी अब ई-मेंडेट की मैपिंग निर्बाध रूप से काम करेगी।

आगे क्या होने वाला है?

आने वाले हफ्तों में, बैंक अपने मोबाइल ऐप्स और नेट बैंकिंग पोर्टल्स को अपडेट करेंगे। आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर इन बदलावों के बारे में संदेश मिलने शुरू हो सकते हैं। आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप इस नए फ्रेमवर्क की पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

  • क्या 15,000 रुपये से कम के हर पेमेंट पर ओटीपी बंद हो जाएगा?
    नहीं, यह केवल उन ऑटो-डेबिट भुगतानों के लिए है जिन्हें आपने पहले ही 'ई-मेंडेट' के जरिए अनुमति दी हुई है। पहली बार सेटअप करते समय ओटीपी जरूरी होगा।
  • अगर मेरा कार्ड चोरी हो जाए तो क्या ऑटो-पेमेंट जारी रहेगा?
    नहीं, कार्ड चोरी होने की सूचना देने और उसे ब्लॉक कराने पर बैंक सुरक्षा कारणों से संबंधित ई-मेंडेट को भी सस्पेंड कर देगा।
  • विदेशी एप्स के सब्सक्रिप्शन पर क्या असर पड़ेगा?
    अब आपको विदेशी भुगतान से 24 घंटे पहले अलर्ट मिलेगा। यदि आप उसे जारी नहीं रखना चाहते, तो तुरंत कैंसल कर सकेंगे।
  • क्या यह नियम सरकारी बैंकों और निजी बैंकों दोनों पर लागू है?
    जी हां, आरबीआई के ये निर्देश भारत में काम करने वाले सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों और पेमेंट गेटवे पर समान रूप से लागू होते हैं।
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लेखक

जोडी नजीब

वरिष्ठ संपादक

व्यापार, खेल और परिवहन रुझानों के विशेषज्ञ।

व्यवसायवित्तSportsऑटोमोटिव

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