मुकेश अंबानी और मस्क की संपत्ति में गिरावट: एलन मस्क के हाथ से गया ट्रिलिनेयर का रिकॉर्ड, एक ही हफ्ते में गंवाए 33.13 लाख करोड़ रुपये

स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट के कारण एलन मस्क दुनिया के पहले खरबपति नहीं रहे। अमेरिकी फेड के कड़े रुख और एआई निवेश की चिंताओं से भारतीय बाजार सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई है।

एलन मस्क की संपत्ति में भारी गिरावट: नहीं रहे दुनिया के पहले खरबपति
अंतिम अपडेटJun 25, 2026, 5:47:21 PM
1 सप्ताह पहले
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एलन मस्क आज: स्पेसएक्स के शेयरों में भारी गिरावट के बाद छिना दुनिया के पहले खरबपति का खिताब

350 अरब डॉलर यानी करीब 33.13 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति सिर्फ एक हफ्ते के भीतर दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क के हाथों से निकल गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने के कड़े रुख और स्पेसएक्स द्वारा एआई विस्तार के लिए कर्ज जुटाने की घोषणा ने वैश्विक स्तर पर टेक बाजार की हवा निकाल दी है। इस ऐतिहासिक गिरावट के कारण मस्क ने लिस्टिंग के महज 12 दिनों के भीतर दुनिया के इकलौते ट्रिलिनेयर (खरबपति) होने का गौरव खो दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में तकनीकी क्षेत्र के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर डर का माहौल पैदा हो गया है।

एलन मस्क की संपत्ति में भारी गिरावट
स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट के बाद एलन मस्क की संपत्ति में रिकॉर्ड कमी — Dainik Bhaskar

मुख्य बिंदु

  • स्पेसएक्स के शेयर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 225.64 डॉलर से 30 प्रतिशत से अधिक टूटकर 154-156 डॉलर के दायरे में आ गए हैं।
  • ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, मस्क की कुल संपत्ति घटकर अब लगभग 946 अरब डॉलर से 957 अरब डॉलर के बीच रह गई है।
  • स्पेसएक्स कंपनी ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विस्तार के लिए 20 से 25 अरब डॉलर मूल्य के इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड बेचने की घोषणा की है।
  • इस तकनीकी संकट के कारण दक्षिण कोरिया के प्रमुख कोस्पी इंडेक्स में 10% का लोअर सर्किट लगा, जिससे वहां व्यापार रोकना पड़ा।
  • भारतीय शेयर बाजार भी इस संकट से अछूता नहीं रहा और रिलायंस के मुकेश अंबानी की संपत्ति 1.24 अरब डॉलर घटकर 87.1 अरब डॉलर पर आ गई।

विस्तृत घटनाक्रम

इस पूरे आर्थिक भूचाल की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नवनियुक्त चेयरमैन केविन वॉर्श ने संकेत दिया कि मजबूत रोजगार डेटा और बढ़ती महंगाई के कारण इस साल ब्याज दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी की जा सकती है। इस फैसले ने दुनिया भर के निवेशकों को डरा दिया। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड्स में लगाना शुरू कर दिया। इसी बीच, हाल ही में अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हुई एलन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स को लेकर एक बड़ी खबर आई।

स्पेसएक्स ने लिस्टिंग के तुरंत बाद एआई कोडिंग स्टार्टअप कर्सर एआई को 60 अरब डॉलर के ऑल-स्टॉक सौदे में खरीदने का ऐलान किया। इस सौदे के कारण मौजूदा निवेशकों की इक्विटी डाइल्यूट हो गई। इसके ठीक बाद खबर आई कि कंपनी अंतरिक्ष डेटा केंद्रों और एआई परियोजनाओं के लिए 20 से 25 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने वाली है। वित्तीय दस्तावेजों से यह भी खुलासा हुआ कि मस्क की सहयोगी कंपनी एक्सएआई भारी परिचालन घाटे से गुजर रही है। इन खबरों ने शॉर्ट-सेलर्स और निवेशकों को मुनाफावसूली करने का मौका दे दिया, जिससे सोमवार को स्पेसएक्स का शेयर 16 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया।

ग्लोबल शेयर बाजार क्रैश
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और टेक शेयरों में बिकवाली से वैश्विक बाजारों में गिरावट — AajTak

स्पेसएक्स के शेयरों में मचे इस हाहाकार के कारण कंपनी ने केवल तीन सत्रों में करीब 600 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू गंवा दी। मस्क के स्वामित्व वाली दूसरी बड़ी कंपनी टेस्ला के शेयर भी बीते दो दिनों में 6 से 9 प्रतिशत तक टूटकर 375.53 डॉलर के स्तर पर आ गए। मस्क ने सिर्फ दो दिनों के भीतर अमेजन के जेफ बेजोस की कुल संपत्ति से भी अधिक दौलत गंवा दी है, हालांकि वे अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के पायदान पर बने हुए हैं।

इसका महत्व और प्रभाव

इस तकनीकी गिरावट का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और एशियाई बाजारों को बुरी तरह हिलाकर रख दिया। दक्षिण कोरिया का मुख्य कोस्पी इंडेक्स, जो आधा से अधिक सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों पर निर्भर है, एक ही दिन में 10 प्रतिशत तक गिर गया। चिप निर्माता कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स में भारी बिकवाली के कारण एक्सचेंज को पहले 'साइडकार' और फिर लेवल-1 'सर्किट ब्रेकर' का इस्तेमाल कर ट्रेडिंग को रोकना पड़ा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एआई और सेमीकंडक्टर को लेकर जो एक हाई वैल्यूएशन का गुब्बारा बना था, उसे फटने के लिए अमेरिकी फेड के बयानों ने ट्रिगर का काम किया।

एलन मस्क का ट्रिलिनेयर दर्जा खत्म
स्पेसएक्स और टेस्ला के स्टॉक में गिरावट से एलन मस्क को लगा बड़ा झटका — ABP News

भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ा। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एक्सेंचर द्वारा कमजोर राजस्व गाइडेंस दिए जाने से भारतीय आईटी कंपनियां पहले ही दबाव में थीं। इस वैश्विक बिकवाली के कारण भारतीय आईटी शेयरों में तेज गिरावट आई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 893 अंक गिरकर 76,200 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 278 अंक टूट गया। भारत के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी 1.24 अरब डॉलर की गिरावट देखी गई।

आगे क्या होगा

बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि तकनीकी कंपनियां एआई क्षेत्र में भारी निवेश के बाद कितनी जल्दी मुनाफा कमाने में कामयाब होती हैं। सितंबर महीने तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को 80 प्रतिशत से अधिक आंका जा रहा है, जिससे उभरते बाजारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी आगे भी जारी रह सकती है। स्पेसएक्स के 20 अरब डॉलर से अधिक के बॉन्ड जारी होने के बाद वैश्विक तकनीकी बाजार में नकदी और स्थिरता की स्थिति स्पष्ट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलन मस्क की संपत्ति में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट और टेस्ला के शेयरों में हुई बिकवाली के कारण मस्क की संपत्ति में रिकॉर्ड कमी आई है।स्पेसएक्स के शेयर गिरने का मुख्य कारण क्या था?

कंपनी द्वारा कर्सर एआई स्टार्टअप को 60 अरब डॉलर में खरीदने के बाद इक्विटी डाइल्यूशन का डर और एआई विस्तार के लिए 20-25 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने के ऐलान से निवेशक सतर्क हो गए और मुनाफावसूली शुरू कर दी।

क्या एलन मस्क अब भी दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं?

हां, खरबपति (ट्रिलिनेयर) का खिताब खोने और संपत्ति घटकर 946-957 अरब डॉलर रहने के बावजूद एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में शीर्ष पर बरकरार हैं।

भारतीय शेयर बाजार और भारतीय आईटी सेक्टर पर इसका क्या असर हुआ?

वैश्विक टेक मार्केट में मची अफरा-तफरी और ऊंची ब्याज दरों के डर से भारतीय आईटी शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक तक गिर गया।

इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग का क्या मतलब है?

जब मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कोई बड़ी कंपनी अपने नए प्रोजेक्ट्स या विस्तार के लिए बाजार से सुरक्षित कर्ज जुटाने के लिए बॉन्ड जारी करती है, तो उसे रेटिंग एजेंसियों की भाषा में इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग कहा जाता है।

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लेखक

Jody Nageeb

वरिष्ठ संपादक

व्यापार, खेल और परिवहन रुझानों के विशेषज्ञ।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

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