यूरोप के जंगलों में आग का तांडव: 3 लाख से अधिक लोग बेघर, फ्रांस और ग्रीस में आपात स्थिति
यूरोप के कई देशों के जंगलों में इस समय भीषण आग लगी हुई है, जिसने एक बड़े मानवीय संकट का रूप ले लिया है। अत्यधिक गर्मी और सूखे के कारण फ्रांस, स्पेन, ग्रीस और तुर्की के जंगलों में लपटें तेजी से फैल रही हैं। इस आपदा की वजह से अब तक 3.3 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

यूरोप के जंगलों में क्यों लगी आग?
यूरोप में इस गर्मी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। जून का महीना पश्चिमी यूरोप के इतिहास में सबसे गर्म दर्ज किया गया, जिसने जंगलों को बेहद सूखा बना दिया। वैज्ञानिकों ने इस स्थिति को 'हाइड्रोक्लाइमेटिक व्हिपलैश' नाम दिया है, जिसमें सर्दियों में हुई भारी बारिश से उगी घास और झाड़ियां गर्मियों की भीषण गर्मी में सूखकर आग के लिए ईंधन का काम करती हैं।
विनाशकारी लहर और प्रभावित क्षेत्र
आग का सबसे ज्यादा असर फ्रांस के गिरोंडे, स्पेन के मध्यवर्ती इलाकों और ग्रीस के क्रीट व केफालोनिया द्वीपों पर पड़ा है। ग्रीस के एथेंस के पास आग की वजह से 100 से अधिक घर नष्ट हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान दुखद हादसे भी सामने आए हैं;

- ग्रीस में आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान दो अग्निशमन हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए, जिसमें दो चालक दल सदस्यों की मौत हो गई।
- क्रीट द्वीप के रेथिम्नो इलाके में भी दो दमकलकर्मियों की जान चली गई।
- स्पेन में इस साल अब तक 2.07 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि जलकर राख हो चुकी है।
विस्थापन और जल संकट का खतरा
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में यह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का सबसे बड़ा अभियान बन गया है। फ्रांस में 2.2 लाख और स्पेन में 1.1 लाख से अधिक लोगों को अपने घर खाली करने पड़े हैं।

भीषण गर्मी का असर नदियों पर भी पड़ा है। हंगरी, सर्बिया और रोमानिया में डेन्यूब नदी का जलस्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके कारण हंगरी के एकमात्र परमाणु संयंत्र को 40 से अधिक वर्षों में पहली बार बंद करना पड़ा है।
- हाइड्रोक्लाइमेटिक व्हिपलैश
- मौसम का वह चक्र जिसमें अत्यधिक नमी वाले मौसम के तुरंत बाद अत्यधिक सूखे और गर्म मौसम का आगमन होता है।
- फायर स्टॉर्म
- ऐसी भीषण आग जिससे उठने वाली गर्म हवा बादलों में बदलकर बिजली गिराती है और नई जगह आग भड़काती है।
आगे की राह और बचाव कार्य
यूरोपीय संघ ने आग पर काबू पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बचाव दल, हेलीकॉप्टर और सेना की मदद ली है। विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल आग बुझाना इसका समाधान नहीं है। पाइन और यूकेलिप्टस जैसे तेजी से जलने वाले पेड़ों की जगह अन्य प्रजातियों के पौधे लगाने होंगे और जंगलों की नियमित सफाई करनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यूरोप के जंगलों में आग लगने का मुख्य कारण क्या है?
अत्यधिक गर्मी, लंबा सूखा और सर्दियों के बाद सूखी वनस्पति मुख्य कारण हैं, जिन्हें जलवायु परिवर्तन ने और अधिक खतरनाक बना दिया है।
कितने लोग इस आग के कारण विस्थापित हुए हैं?
फ्रांस और स्पेन समेत विभिन्न देशों से 3.3 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
आग से कौन-कौन से देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
स्पेन, फ्रांस, ग्रीस और तुर्की इस प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
संसाधन
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