प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन: 'महाभारत' के अश्वत्थामा से 'गजनी' के विलेन तक, ऐसा रहा फिल्मी सफर
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 4 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे, जो ठीक होने के बाद हाल ही में दोबारा उभर आई थी। उनकी प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

क्या हुआ है
दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत के निधन की पुष्टि उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी और 'लगान' में उनके सह-कलाकार रहे अभिनेता यशपाल शर्मा ने की। यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा,
प्रदीप रावत... हमारे गजनी और लगान के देवा, रेस्ट इन पीस।
प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने जानकारी दी कि 4 साल पहले उनका कैंसर ठीक हो गया था, लेकिन डेढ़ महीने पहले यह बीमारी दोबारा लौट आई। वे पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे, जहां प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के बाद वे रिकवर नहीं हो सके। मंगलवार शाम 6 से 6:30 बजे के बीच उनका निधन हुआ। सोनू सूद और ब्रिजेंद्र काला समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और शुरुआती करियर
21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत टेलीविजन से की थी। बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की भूमिका निभाकर उन्हें घर-घर में पहली बड़ी पहचान मिली थी।

उन्होंने 1985 में डिंपल कपाड़िया और राज बब्बर की फिल्म 'ऐतबार' में पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद वे 'मेरी जंग', 'अग्निपथ' (1990), 'सरफरोश' (1999) और 'लगान' (2001) जैसी कई बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहे। 'लगान' में उनके द्वारा निभाया गया देवा सिंह सोढ़ी का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था।
ताजा घटनाक्रम और 'गजनी' से राष्ट्रीय पहचान
प्रदीप रावत को भारतीय सिनेमा में असली पहचान और ख्याति साल 2005 में आई तमिल फिल्म 'गजनी' में मुख्य खलनायक के डबल रोल से मिली। जब साल 2008 में ए.आर. मुरुगदॉस ने आमिर खान के साथ इसका हिंदी रीमेक बनाया, तब भी इस खूंखार विलेन के किरदार के लिए प्रदीप रावत को ही चुना गया। 'गजनी' के इस किरदार ने उन्हें देशभर में एक स्टार विलेन के रूप में स्थापित कर दिया।

हिंदी के अलावा उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ी। साल 2004 में तेलुगु फिल्म 'सई' (Sye) से उन्होंने साउथ में डेब्यू किया और इस एक ही फिल्म के लिए उन्हें 'फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड (तेलुगु)', 'संतोषम बेस्ट विलेन अवॉर्ड' और 'नंदी अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी समेत कई भाषाओं की 100 से अधिक फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उनकी आखिरी फिल्म विक्की कौशल स्टारर 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कनक का किरदार निभाया था।
सिनेमा पर प्रभाव और मायने
प्रदीप रावत का निधन भारतीय फिल्म उद्योग, विशेषकर हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। अपनी कड़क आवाज, प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस और खलनायक के किरदारों में विविधता लाने की क्षमता के कारण वे चार दशकों तक इंडस्ट्री में प्रासंगिक रहे। बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' से लेकर आधुनिक ब्लॉकबस्टर 'गजनी' और हालिया दौर की 'छावा' तक, उनका करियर भारतीय मीडिया और मनोरंजन के बदलते स्वरूप का गवाह रहा।
क्या स्पष्ट है और क्या प्रक्रियाधीन है
यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि प्रदीप रावत का निधन कैंसर से जुड़ी जटिलताओं और प्लेटलेट्स में गिरावट के कारण हुआ है। उनका पार्थिव शरीर उनके गोरेगांव स्थित आवास पर रखा जाएगा और उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम को संपन्न होगा। उनके परिवार में उनकी पत्नी कल्याणी रावत और बेटा विक्रमादित्य हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रदीप रावत कौन थे?
प्रदीप रावत एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाओं की 100 से अधिक फिल्मों और टीवी शो में खलनायक और चरित्र अभिनेता के रूप में काम किया।
प्रदीप रावत का निधन किस कारण से हुआ?
प्रदीप रावत का निधन 74 वर्ष की उम्र में कैंसर की बीमारी दोबारा उभरने और प्लेटलेट्स गिरने की वजह से हुआ।
प्रदीप रावत ने 'महाभारत' में कौन सा किरदार निभाया था?
बी.आर. चोपड़ा के मशहूर धारावाहिक 'महाभारत' में प्रदीप रावत ने गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी।
फिल्म 'गजनी' में प्रदीप रावत का क्या रोल था?
प्रदीप रावत ने तमिल (2005) और हिंदी (2008) दोनों फिल्मों में मुख्य विलेन 'गजनी' का किरदार निभाया था।
प्रदीप रावत की आखिरी हिंदी फिल्म कौन सी थी?
प्रदीप रावत की आखिरी हिंदी फिल्म 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कनक का किरदार निभाया था।
संसाधन
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