9 दिन और बढ़ीं छुट्टियां: गर्मी ने बदला यूपी स्कूल कैलेंडर
उत्तर प्रदेश में परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय अब 16 जून के बजाय 25 जून 2026 से खुलेंगे। भीषण गर्मी और लू के दबाव में सरकार ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को 24 जून तक बढ़ा दिया है। यह फैसला केवल इस सत्र की राहत नहीं है; वर्ष 2026 से हर साल 20 मई से 24 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। आदेश के बाद उन जिलों की चिंताओं को भी जवाब मिला है, जहां बच्चे 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और उमस के बीच स्कूल लौट रहे थे।

अब तक क्या पता है
उत्तर प्रदेश शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बदल दी है। जारी आदेश के अनुसार अब 25 जून से पठन-पाठन शुरू होगा। पहले विद्यालय 16 जून से खुलने थे।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि वर्ष 2026 से हर साल 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। पहले यह अवकाश 20 मई से 15 जून तक होता था। पिछले वर्षों में गर्मी और लू के कारण जिलाधिकारी स्तर पर अलग-अलग आदेश जारी करने पड़ते थे, जिससे स्कूल कैलेंडर और प्रशासनिक व्यवस्था में कठिनाई आती थी।
फैसले का असर लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ेगा, क्योंकि बच्चों को जून की तेज धूप में दोपहर के समय लौटने से राहत मिलेगी। विभाग ने यह भी साफ किया है कि छुट्टियां बढ़ने के बावजूद शिक्षा का कानूनी ढांचा खाली नहीं छोड़ा जाएगा। आरटीई अधिनियम के तहत निर्धारित 220 कार्य दिवसों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए व्यवस्था अलग रखी गई है। 22, 23 और 24 जून को शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इन तीन दिनों में पाठ योजना, मध्याह्न भोजन की तैयारी, पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता, परिसर और शौचालयों की सफाई, पेयजल, बिजली, खेल सामग्री, स्मार्ट कक्षा और सूचना-संचार प्रयोगशाला जैसी व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी।
लोगों की आवाज और मांगें
राज्यस्तरीय आदेश से पहले कई जिलों में शिक्षक संघ और अभिभावक स्कूल समय या अवकाश में बदलाव की मांग कर रहे थे। हमीरपुर में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग थी कि विद्यालयों का संचालन सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाए।
हमीरपुर में शिक्षकों ने कहा कि 16 जून से विद्यालय दोबारा खुल गए, लेकिन जिले में उमस भरी गर्मी जारी है। करीब 20 दिन पहले आए आंधी-तूफान के बाद कई ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर की आशंका जताई गई।
बस्ती में भी उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह और जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में विद्यालय समय बदलने के साथ जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लंबित प्रशिक्षण भत्ता और पारिश्रमिक भुगतान की मांग भी शामिल थी।
मऊ के मधुबन से आई रिपोर्टों ने जमीन की हालत साफ की। वहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने पर विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। नामांकन के मुकाबले आधे बच्चे भी नहीं पहुंचे, जबकि अध्यापकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत दर्ज की गई।
स्थानीय असर
उत्तर प्रदेश के परिवारों के लिए यह फैसला सीधे रोजमर्रा की परेशानी से जुड़ा है। सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को अब जून के तीसरे सप्ताह में धूप और लू के बीच नियमित कक्षाओं में नहीं जाना होगा। ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली आपूर्ति अनियमित है, वहां यह राहत ज्यादा मायने रखती है।

अभिभावकों की चिंता स्कूल जाने से कम, लौटने के समय को लेकर अधिक थी। मऊ के मधुबन में अभिभावकों ने कहा कि सुबह बच्चों को भेजना कठिन नहीं होगा, लेकिन दोपहर की तेज धूप में घर लौटना चुनौती बन सकता है। यही चिंता हमीरपुर और बस्ती में शिक्षकों की मांगों में भी दिखी।
विद्यालय प्रशासन के लिए अगले कुछ दिन तैयारी के होंगे। कक्षाएं भले 25 जून से शुरू हों, लेकिन 22 से 24 जून तक स्कूलों को साफ-सफाई, मध्याह्न भोजन, पुस्तक वितरण और समय-सारणी जैसी बुनियादी तैयारियों को पूरा करना होगा। इससे बच्चों की वापसी केवल औपचारिक न रहकर व्यवस्थित हो सकेगी।
आगे क्या होगा
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। आदेश में शिक्षक और छात्र-छात्राओं की भागीदारी का उल्लेख है। इसके बाद 22, 23 और 24 जून को शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयों में रहकर नए सत्र की तैयारियां पूरी करेंगे।
नियमित पठन-पाठन 25 जून 2026 से शुरू होगा। विभाग ने यह भी कहा है कि अवकाश बढ़ने के बावजूद 220 कार्य दिवसों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी, इसलिए आगे के शैक्षणिक कैलेंडर में पढ़ाई के दिनों का संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम होगा।
एक नजर में
- उत्तर प्रदेश में स्कूल अब 25 जून 2026 से खुलेंगे।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश हर साल 20 मई से 24 जून तक रहेगा।
- पहले अवकाश 20 मई से 15 जून तक होता था।
- 22, 23 और 24 जून को शिक्षक और कर्मचारी स्कूलों में तैयारी करेंगे।
- 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा।
- आरटीई अधिनियम के तहत 220 कार्य दिवसों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।
सामान्य सवाल
यूपी में स्कूल अब कब खुलेंगे?
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन 25 जून 2026 से शुरू होगा।
गर्मी की छुट्टियां कितनी बढ़ाई गई हैं?
पहले स्कूल 16 जून से खुलने थे, लेकिन अब छुट्टियां 24 जून 2026 तक बढ़ा दी गई हैं।
अब हर साल ग्रीष्मकालीन अवकाश कब होगा?
वर्ष 2026 से हर साल 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।
क्या शिक्षक भी 24 जून तक छुट्टी पर रहेंगे?
नहीं। शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी 22, 23 और 24 जून को विद्यालय में उपस्थित रहकर नए सत्र की तैयारी करेंगे।
21 जून को स्कूल क्यों खुलेंगे?
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा।
छुट्टियां बढ़ने से पढ़ाई के दिन कम होंगे क्या?
विभाग ने कहा है कि आरटीई अधिनियम के तहत निर्धारित 220 कार्य दिवसों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
संसाधन
इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।
