महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक, डेढ़ करोड़ में सौदा करते दबोचे गए आरोपी; 6 लाख छात्रों का भविष्य अधर में
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 शुरू होने से महज 24 घंटे पहले एक बड़े पेपर लीक रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसके बाद राज्य सरकार को आनन-फानन में परीक्षा स्थगित करनी पड़ी है। भिवंडी पुलिस ने असली प्रश्नपत्रों की प्रतियों के साथ अंतर-राज्यीय सिंडिकेट से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस लीक पेपर को 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की साजिश रच रहे थे। इस औचक फैसले से परीक्षा की तैयारी में जुटे करीब छह लाख अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है, जो राज्य के 37 केंद्रों पर कुल 1728 परीक्षा केंद्रों में शामिल होने वाले थे।

ऐन वक्त पर ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा
यह परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी, लेकिन भिवंडी पुलिस को 27 जून को एक बेहद गोपनीय सूचना मिली कि कुछ लोग लीक प्रश्नपत्र का सौदा करने कोनगांव इलाके में आने वाले हैं। परिमंडल-2 के डीसीपी पवन बनसोड के निर्देश पर पुलिस टीमों ने सुबह करीब 11 बजे जाल बिछाकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से टीईटी परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र के चार सेट, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर जब जब्त दस्तावेजों का मिलान कराया, तो अधिकारियों ने पुष्टि की कि बरामद प्रश्नपत्र बिल्कुल असली थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल टीम में दो एसीपी, नौ पुलिस इंस्पेक्टर और कई सहायक पुलिस निरीक्षक शामिल हैं, जो पूरे अंतर-राज्यीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजीव शाह (45, बिहार), आकाश कुमार (30, बिहार) और धीरज कुमार (28, हरियाणा) के रूप में हुई है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कुख्यात बिजेंद्र गुप्ता निकला असली मास्टरमाइंड
गिरफ्तार आरोपियों से हुई कड़ी पूछताछ में देश के सबसे बड़े परीक्षा माफियाओं में से एक, बिजेंद्र प्रसाद गुप्ता उर्फ बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी बिजेंद्र के इशारे पर ही दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर महाराष्ट्र पहुंचे थे। बिजेंद्र गुप्ता पिछले करीब 25 वर्षों से पेपर लीक के काले धंधे में लिप्त है और पूर्व में वर्ष 2023 के ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (OSSC) पेपर लीक, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाओं के घोटालों में भी मुख्य आरोपी रहा है। वह वर्तमान में ओडिशा मामले में जमानत पर चल रहा था और लंबे समय से अंडरग्राउंड था।
वर्ष 2024 में नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के दौरान मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में उसने खुद बेहद शर्मनाक कबूलनामा किया था कि 'जेल जाएंगे, बेल मिलेगी और खेल चलता रहेगा।' उसने दावा किया था कि लॉजिस्टिक्स कंपनियों के जरिए ट्रांसपोर्टेशन के दौरान प्रश्नपत्रों के बॉक्स तोड़े जाते हैं। अब इस नए खुलासे के बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार (पटना और समस्तीपुर), दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सदन से लेकर सड़क तक फूटा राजनीतिक आक्रोश
महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव की मांग की और आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं ने राज्य की छवि को धूमिल कर दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नाना पटोले ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि टीईटी और नीट परीक्षा लीक के पीछे सत्तापक्ष से जुड़े लोगों का हाथ है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी विधायकों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और बाद में सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
उधर राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने इसे देश के युवाओं के भविष्य की चोरी करार दिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर संचालित होने वाला माफिया तंत्र बताते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की वकालत की है।
उम्मीदवारों के लिए राहत और सरकारी एक्शन
पेपर लीक की घटना पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे एक संगठित अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर इस मामले के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़े महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
लाखों अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करते हुए महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ एग्जामिनेशन (MSCE) की डिप्टी कमिश्नर प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि जब भी यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, तब उम्मीदवारों से कोई भी अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता होगी।
टीईटी परीक्षा लीक: मुख्य बिंदु
- 6 लाख अभ्यर्थी प्रभावित: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए छह लाख छात्रों ने आवेदन किया था, जिन्हें तगड़ा झटका लगा है।
- 1.5 करोड़ की डील: दिल्ली से प्रश्नपत्रों के 4 सेट लेकर पहुंचे तीन आरोपियों को डील फाइनल होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
- मास्टरमाइंड की तलाश: समस्तीपुर का बिजेंद्र गुप्ता इस पूरे गिरोह का मुख्य सूत्रधार है, जो 25 साल से इस धंधे में सक्रिय है।
- मकोका (MCOCA) की तैयारी: राज्य सरकार परीक्षा माफियाओं के खिलाफ संगठित अपराध कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई करने जा रही है।
- मुफ्त री-एग्जाम: दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को कोई भी अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
महाराष्ट्र टीईटी 2026 परीक्षा क्यों स्थगित की गई?
परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले 27 जून को भिवंडी पुलिस ने असली प्रश्नपत्रों के चार सेट के साथ तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद सरकार ने परीक्षा टाल दी।
टीईटी पेपर लीक का मुख्य साजिशकर्ता कौन है?
इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता है। वह पिछले 25 सालों से देशभर में परीक्षा पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
क्या दोबारा परीक्षा के लिए कोई नया शुल्क देना होगा?
नहीं, महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ एग्जामिनेशन (MSCE) ने साफ किया है कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पुराना रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेगा।
मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फरार मास्टरमाइंड की तलाश में चार राज्यों में छापेमारी जारी है और सरकार आरोपियों पर मकोका लगाने की तैयारी में है।
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