UP में प्रीपेड बिजली मीटर बंद: अब पोस्टपेड की तरह आएगा बिल, जानें नए नियम

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में 75 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पोस्टपेड की तरह बिल मिलेगा और भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।

UP Smart Meter News: प्रीपेड व्यवस्था खत्म, अब पोस्टपेड मोड
Last UpdateMay 5, 2026, 10:10:52 AM
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यूपी में प्रीपेड मीटर का खेल खत्म: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बड़ा फैसला, क्या अब बिजली कटौती से मिलेगी राहत?

उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए गर्मी के इस मौसम में राहत भरी खबर आई है। योगी सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को खत्म करते हुए इन्हें अब पोस्टपेड मोड में चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के इस कदम से अब उपभोक्ताओं को अचानक बिजली कटने के डर से मुक्ति मिलेगी और बिल भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा बैठक के दौरान
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 'उपभोक्ता देवो भव' के मंत्र के साथ नई व्यवस्था लागू की।

फैसले के पीछे की असली कहानी

पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर आक्रोश पनप रहा था। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह थी कि बैलेंस खत्म होते ही रात-बिरात बिजली गुल हो जाती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ता था। कई बार तकनीकी खराबी के कारण रिचार्ज के बावजूद बिजली चालू नहीं होती थी। सूप तो सूप, चलनी भी बोले जिसमें 72 छेद — विपक्ष के हमलों के बीच सरकार ने जनभावनाओं को समझते हुए यह बड़ा यू-टर्न लिया है।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पीड़न से बचाना है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग का काम जनता की सेवा करना है, न कि उन्हें परेशान करना। चुनावी सरगर्मियों के बीच इस फैसले को जनता को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

अब कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब स्मार्ट मीटर धारकों को भी पुराने पोस्टपेड मीटर की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। अब उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली का बिल मिल जाएगा। बिल जमा करने के लिए विभाग ने 15 दिन का समय निर्धारित किया है, यानी 25 तारीख तक भुगतान की अंतिम समय सीमा होगी।

स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन
अब यूपी के 75 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ता पोस्टपेड सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब अचानक बिजली नहीं काटी जाएगी। अगर कोई उपभोक्ता समय पर बिल नहीं भर पाता है, तो उसे नोटिस दिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी, जैसा कि सामान्य कनेक्शनों में होता है। 75 लाख से अधिक प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब बार-बार रिचार्ज करने के झंझट से आजादी मिल गई है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार और जानकार?

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस बदलाव को 'उपभोक्ता देवो भव' के संकल्प से जोड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिलिंग में पारदर्शिता बरती जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो।

हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देना है। अब प्रीपेड की जगह पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से लोगों को बिल जमा करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे उनकी मुश्किलें कम होंगी।

एके शर्मा, ऊर्जा मंत्री, उत्तर प्रदेश

दूसरी ओर, विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) के राजस्व संग्रह पर असर पड़ सकता है, लेकिन जनता के बीच सरकार की छवि में सुधार होगा। विस्तृत नियमों के अनुसार, अब बकाया होने पर किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी जा सकती है।

दूरगामी परिणाम और असर

इस बदलाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। अब वे अपने महीने के बजट के हिसाब से बिजली बिल का प्रबंधन कर सकेंगे। 15 दिन की मोहलत मिलने से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जिनकी तनख्वाह महीने के पहले हफ्ते के बाद आती है।

उत्तर प्रदेश बिजली विभाग मीटर
पोस्टपेड व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल जमा करने की दर में सुधार की उम्मीद है।

हालांकि, विभाग के लिए चुनौती यह होगी कि वे हर घर तक समय पर बिल पहुँचाएं और मीटर रीडिंग में होने वाली गड़बड़ियों को रोकें। अगर रीडिंग सही नहीं हुई, तो पोस्टपेड व्यवस्था भी विवादों के घेरे में आ सकती है।

आगे की राह

आने वाले हफ्तों में बिजली विभाग सॉफ्टवेयर में बदलाव करेगा ताकि सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड पर स्विच किया जा सके। उपभोक्ताओं को अपने मीटर बदलने की जरूरत नहीं होगी, यह बदलाव सिस्टम लेवल पर ही किया जाएगा। सरकार अब स्मार्ट मीटरों की विश्वसनीयता बढ़ाने पर भी काम कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खामी से बचा जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या मुझे अपना स्मार्ट मीटर बदलना पड़ेगा?
नहीं, आपका वर्तमान स्मार्ट मीटर ही रहेगा, बस उसका काम करने का तरीका प्रीपेड से बदलकर पोस्टपेड कर दिया जाएगा।
बिल जमा करने के लिए कितना समय मिलेगा?
बिल जारी होने के बाद आपको भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
क्या रिचार्ज का पैसा वापस मिलेगा?
हाँ, आपके प्रीपेड वॉलेट में जो भी बैलेंस बचा होगा, उसे आपके अगले पोस्टपेड बिल में एडजस्ट कर दिया जाएगा।
बिल कब आएगा?
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की 10 तारीख तक आपके पंजीकृत मोबाइल या घर पर बिल पहुँच जाएगा।
क्या बिल न भरने पर तुरंत बिजली कटेगी?
नहीं, अब पोस्टपेड की तरह ही नोटिस और तय प्रक्रिया के बाद ही कार्रवाई होगी, अचानक बिजली नहीं कटेगी।
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लेखक

अहमद सेज़र

वरिष्ठ संपादक

राजनीति, सरकार और सामान्य जनहित के विषयों में विशेषज्ञ।

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