उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती: 32 हजार पदों के लिए उमड़ा 28 लाख युवाओं का सैलाब, कड़ाके की जद्दोजहद के बीच परीक्षा संपन्न
उदारीकरण और कॉर्पोरेट क्रांति के साढ़े तीन दशकों के दावों को धता बताते हुए उत्तर प्रदेश की सड़कों, रेलवे स्टेशनों और परीक्षा केंद्रों पर रोजगार की एक अभूतपूर्व और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस में महज 32,679 कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए कुल 28,86,798 शिक्षित युवाओं ने आवेदन कर डाला। इस विशाल परीक्षा के अंतिम दिन रामपुर समेत पूरे राज्य के केंद्रों पर भारी हुजूम उमड़ा, जहां युवा रात के सन्नाटे में दो-दो बजे घर से निकलकर छह-छह घंटे का थका देने वाला सफर तय करके परीक्षा देने पहुंचे।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच परीक्षा संपन्न
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित यह महापरीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों (शिफ्टों) में संपन्न हुई। रामपुर जिले के ही 16 परीक्षा केंद्रों पर 24,768 परीक्षार्थियों के भाग्य का फैसला होना तय हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों की मुस्तैद तैनाती रही। परीक्षा कक्षों से लेकर मुख्य द्वारों तक सीसीटीवी कैमरों से पल-पल की निगरानी की गई, और मोबाइल व ब्लूटूथ समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर पूर्ण पाबंदी लागू रही।
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पूरा प्रश्नपत्र शत-प्रतिशत निर्धारित सिलेबस पर आधारित था। हालांकि, अधिकांश परीक्षार्थियों के अनुसार गणित के हिस्से में पूछे गए ‘चक्रवृद्धि ब्याज’ और कुछ अन्य पेचीदा सवालों ने उन्हें परीक्षा हॉल में अच्छा-खासा उलझाए रखा, जिससे समय प्रबंधन में थोड़ी मुश्किलें आईं।

आंकड़ों की जुबानी: खाकी के लिए दीवानगी
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के सांख्यिकीय आंकड़े उत्तर प्रदेश में रोजगार की वर्तमान मांग की गंभीर कहानी कहते हैं। परीक्षा से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल आवेदन करने वाले अभ्यर्थी: 28,86,798
- लिखित परीक्षा में शामिल हुए कुल उम्मीदवार: 21,92,236 (कुल आवेदकों का 75.94%)
- पुरुष आवेदकों की संख्या: 19,62,561 (67.99%)
- महिला आवेदकों की संख्या: 9,24,237 (32.01%)
यह पहला मौका नहीं है जब खाकी वर्दी के लिए ऐसा सैलाब उमड़ा हो। इससे पहले सिपाही नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2023 में भी 60,244 पदों के लिए इसी तरह के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए थे।
आखिर क्यों है सरकारी नौकरी की यह 'भूख'?
कॉर्पोरेट युग और प्राइवेट सेक्टर में ऊंचे पैकेजों के बावजूद युवाओं में पुलिस कांस्टेबल जैसी जमीनी सरकारी नौकरी के प्रति आकर्षण घटने के बजाय बढ़ा है। विश्लेषकों और कोचिंग विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह नौकरियों का स्थायित्व और सुरक्षा है। कोविड-19 महामारी के दौर में जब निजी क्षेत्र के लाखों लोगों ने अपनी नौकरियां गंवाईं या उनके वेतन में कटौती हुई, तब सरकारी कर्मचारियों को नियमित वेतन और आर्थिक सुरक्षा मिलती रही। इसी कड़वे अनुभव ने युवाओं के भीतर सरकारी नौकरी के प्रति विश्वास को और गहरा कर दिया है।
इसके अलावा, निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र के वेतनमानों में पांचवें और छठे वेतन आयोग के बाद एक बड़ी खाई पैदा हुई है। जहाँ प्राइवेट फर्मों में युवाओं को बिना किसी भत्ते, छुट्टियों या चिकित्सा लाभ के 10 से 12 घंटे काम करने पर 15,000 से 18,000 रुपये ही मिल पाते हैं, वहीं पुलिस विभाग में अब बेहतर सैलरी, भत्ते और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित हुआ है। साथ ही, सोशल मीडिया के इस दौर में युवाओं के बीच खाकी वर्दी का रुतबा और आकर्षण एक अलग ही मायने रखता है।
युवाओं और व्यवस्था पर इसका प्रभाव
उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में, जहाँ औसत उम्र 24.7 वर्ष है, युवाओं की संख्या के अनुपात में रोजगार के अवसर सीमित हैं। इस भयंकर प्रतिस्पर्धा के कारण उच्च शिक्षित युवा (जैसे एमएससी और बीएससी डिग्री धारक) भी अपनी योग्यता से समझौता करके क्लास 3 और क्लास 4 की नौकरियों के लिए आवेदन करने पर मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ती युवा शक्ति को संभालने के लिए राज्य में सेवा क्षेत्र के मुकाबले विनिर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक बड़ी औद्योगिक क्रांति और रोजगारपरक शिक्षा सुधारों की सख्त जरूरत है।
मुख्य तथ्य: एक नजर में
- उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 कांस्टेबल पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई।
- कुल 28.8 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 21.9 लाख से अधिक परीक्षा में बैठे।
- भर्ती परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से 32.01% रही।
- परीक्षार्थियों ने गणित के चक्रवृद्धि ब्याज के सवालों को कठिन और पेचीदा बताया।
- परीक्षा के दौरान नकल और गैजेट्स पर रोक के लिए सीसीटीवी और मजिस्ट्रेटों की कड़ी निगरानी रही।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 में कुल कितने पद हैं?
इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल और समकक्ष के कुल 32,679 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
इस परीक्षा में कितने अभ्यर्थियों ने भाग लिया?
इस परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 75.94 प्रतिशत यानी कुल 21,92,236 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए।
यूपी पुलिस परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी कितनी रही?
इस भर्ती परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी काफी मजबूत रही। कुल आवेदकों में 32.01 प्रतिशत यानी 9,24,237 महिला अभ्यर्थी शामिल थीं।
परीक्षार्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र का स्तर कैसा था?
अधिकांश अभ्यर्थियों के अनुसार पूरा प्रश्नपत्र शत-प्रतिशत उनके निर्धारित सिलेबस पर ही आधारित था, हालांकि गणित के सेक्शन में पूछे गए सवाल काफी कठिन और समय लेने वाले थे।
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