खान सर और रौशन आनंद विवाद में नया मोड़ — नेपाल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बाद गरमाई राजनीति

पटना के मशहूर कोचिंग संचालकों खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहा विवाद अब उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत और राजनीतिक बयानों के बाद एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है।

खान सर बनाम रौशन आनंद विवाद: प्रिंस यादव की मौत और नया राजनीतिक मोड़
अंतिम अपडेटJun 20, 2026, 3:16:42 PM
1 सप्ताह पहले
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Last updated: 19 Jun 2026

बिहार की राजधानी पटना के दो सबसे बड़े कोचिंग दिग्गजों के बीच पोस्टर हटाने को लेकर शुरू हुई व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता अब एक बेहद गंभीर और संवेदनशील आपराधिक मामले में तब्दील हो चुकी है। इस पूरे विवाद ने तब एक सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब पटना कोचिंग हिंसा मामले का एक नामजद आरोपी और ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद का 24 वर्षीय छोटा भाई प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में मृत पाया गया।

तेजप्रताप यादव और खान सर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाते तेजप्रताप यादव — Dainik Bhaskar

मुख्य तथ्य और घटनाक्रम

  • 2 जून 2026: पटना के मुसल्लहपुर स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस में खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) और ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी (रौशन आनंद) के स्टाफ के बीच पोस्टर हटाने को लेकर हिंसक झड़प, तोड़फोड़ और फायरिंग हुई।
  • 13 जून 2026: गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागे आरोपी प्रिंस यादव की विराटनगर के शुभ होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
  • 17 जून 2026: रौशन आनंद खान सर के खिलाफ हत्या की साजिश की एफआईआर दर्ज कराने पटना के कदमकुआं थाने पहुंचे, जहां केस दर्ज न होने पर वे 5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे।
  • 18 जून 2026: नेपाल की मोरंग जिला पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली, जिससे असंतुष्ट होकर पुलिस अब विसरा रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की सलाह का इंतजार कर रही है।
  • राजनीतिक दखल: जेजेडी (JJD) अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने रौशन आनंद का समर्थन करते हुए खान सर को फर्जी बताया, जबकि जेडीयू नेता संजय झा और अशोक चौधरी ने निष्पक्ष जांच और कोर्ट जाने का भरोसा दिया।

परतों में छिपा विवाद: पोस्टर की जंग से मौत तक का सफर

पटना के मुसल्लहपुर का कोल्ड स्टोर कैंपस कभी छात्रों की कामयाबी की कहानियों के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से यह फैजल खान (खान सर) और रौशन आनंद के बीच वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बन चुका था। दोनों संस्थानों के बीच छात्रों की संख्या और सिपाही बहाली परीक्षा (27 मई 2026 को घोषित परिणाम जिसमें दोनों ने क्रमशः 12 हजार और 10 हजार छात्रों के पास होने का दावा किया था) के नतीजों को लेकर रंजिश गहरी होती चली गई। 2 जून 2026 की रात को यह विवाद उस समय हिंसक हो गया जब पोस्टर हटाने को लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और खान सर के सुरक्षा गार्ड द्वारा 4 राउंड हवाई फायरिंग करने का वीडियो वायरल हुआ। इस घटना में पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उनका छोटा भाई प्रिंस यादव गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद फरार होकर नेपाल के विराटनगर चला गया था।

संजय झा जेडीयू नेता
मुलाकात के बाद बयान देते जेडीयू नेता संजय झा — Navbharat Times

नेपाल के शुभ होटल में 13 जून को प्रिंस की संदिग्ध मौत के बाद रौशन आनंद ने सीधा आरोप लगाया है कि फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक डॉ. रामाशंकर प्रसाद ने साजिश रचकर उनके भाई की हत्या करवाई है। कदमकुआं थाने की पुलिस द्वारा मामला नेपाल का होने के कारण एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने पर रौशन आनंद ने 'मुझे मार दो या खान सर पर एफआईआर करो' के नारों के साथ थाने के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। उनके चाचा मनोज यादव ने भी अब रौशन आनंद की जान को खतरा बताते हुए सरकार से सुरक्षा और इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है।

इस गंभीर मामले पर क्या है विशेषज्ञों और राजनेताओं की राय?

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने बिहार के सियासी गलियारों को भी गरमा दिया है। जेजेडी अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर खान सर पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि खान सर ने सेटिंग कर ली है, जिसके कारण पुलिस केस नहीं ले रही है। उन्होंने रौशन आनंद के साथ खुद थाने जाकर मामला दर्ज कराने की बात कही। दूसरी तरफ, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा से रौशन आनंद ने मुलाकात की। संजय झा ने स्पष्ट किया कि बिहार में नीतीश कुमार का सुशासन मॉडल है और कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस रौशन आनंद के पक्ष को भी सुनेगी। वहीं बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने रौशन आनंद को सलाह दी कि अगर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है, तो उन्हें तुरंत कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए।

फिजिक्स वाला अलख पांडेय
खान सर के समर्थन में आए फिजिक्स वाला के निदेशक अलख पांडेय — Live Hindustan

इस विवाद में अब देश के अन्य मशहूर शिक्षक भी दो गुटों में बंटते नजर आ रहे हैं। पटना के मशहूर शिक्षक गुरु रहमान ने रौशन आनंद के भाई की मौत को हृदय विदारक बताते हुए खान सर को आड़े हाथों लिया और कहा कि खान सर बहुत झूठ बोलते हैं। इसके विपरीत, फिजिक्स वाला (PhysicsWallah) के निदेशक अलख पांडेय खुलकर खान सर के समर्थन में उतर आए हैं। अलख पांडेय ने कहा कि जो इंसान देश के लिए शिक्षा को इतना सस्ता कर रहा है और बिहार में अस्पताल खोल रहा है, उस पर इस तरह के आरोप लगाना गलत है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि वे शुरुआत से अंत तक खान सर के साथ खड़े हैं।

अब आगे क्या होने की संभावना है?

इस मामले का असली सच अब वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों पर टिका हुआ है। नेपाल की मोरंग जिला पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र के अनुसार, मिली हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह हत्या थी या सामान्य मौत। इसलिए पुलिस ने प्रिंस यादव के साथ रुके चार साथियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और अब विसरा (Visera) जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड का गठन कर रिपोर्ट पर विस्तृत सलाह भी ली जा रही है। बिहार और नेपाल पुलिस के बीच समन्वय और विसरा रिपोर्ट के आने के बाद ही इस हाई-प्रोफाइल मौत के रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रिंस यादव कौन थे और उनकी मौत कहां हुई?

प्रिंस यादव ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के 24 वर्षीय छोटे भाई थे। वे पटना कोचिंग विवाद में नामजद आरोपी थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गए थे, जहां 13 जून 2026 को विराटनगर के शुभ होटल में उनकी संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई।

रौशन आनंद ने खान सर पर क्या आरोप लगाए हैं?

रौशन आनंद का आरोप है कि खान सर (फैजल खान) और कोल्ड स्टोरेज के मालिक डॉ. रामाशंकर प्रसाद ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हत्या करवाई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बेऊर जेल में उनकी खुद की जान लेने की भी कोशिश की गई थी।

पटना पुलिस ने खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की?

कदमकुआं थाना पुलिस का कहना है कि प्रिंस यादव की मौत की घटना भारत की सीमा से बाहर नेपाल के विराटनगर में हुई है, इसलिए वे इस मामले में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते। इस फैसले के विरोध में रौशन आनंद ने थाने के बाहर धरना भी दिया था।

नेपाल पुलिस की जांच अभी किस चरण में है?

नेपाल की मोरंग जिला पुलिस को प्रिंस यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस को शक है कि मामला हाई-प्रोफाइल है, इसलिए वे विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही प्रिंस के चार साथियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रहे हैं।

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लेखक

Ahmed Sezer

वरिष्ठ संपादक

राजनीति, सरकार और सामान्य जनहित के विषयों में विशेषज्ञ।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

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