रीवा एसडीएम कार्यालय में शराबखोरी का मामला: सरकारी दफ्तर बना मयखाना - ट्रेंड समरी

मध्य प्रदेश के रीवा में एसडीएम कार्यालय के बाबू दफ्तर के अंदर शराब पीते हुए पकड़े गए। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Last UpdateMar 15, 2026, 3:30:17 PM
ago
रीवा एसडीएम कार्यालय शराबखोरी मामला - ट्रेंड समरी
📢Advertisement

रीवा एसडीएम कार्यालय में शराबखोरी का मामला: सरकारी दफ्तर बना मयखाना - ट्रेंड समरी

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुजूर एसडीएम कार्यालय के अंदर सरकारी बाबू कार्यालय समय के दौरान शराब पीते हुए पकड़े गए हैं। शनिवार रात को सामने आए इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशासन ने इस गंभीर अनुशासनहीनता पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

रीवा एसडीएम कार्यालय में शराब पीता बाबू
रीवा के एसडीएम कार्यालय में शराब पीते हुए कैमरे में कैद कर्मचारी।

मुख्य बातें (TL;DR)

  • एसडीएम कार्यालय के दो कर्मचारी ड्यूटी के दौरान शराब पीते हुए पकड़े गए।
  • सोशल मीडिया पर शराबखोरी का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
  • हुजूर एसडीएम ने दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
  • सरकारी दफ्तर की गरिमा भंग करने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है।

क्या हुआ: घटना का पूरा विवरण

रीवा जिले के हुजूर एसडीएम कार्यालय में तैनात बाबू और कर्मचारी दफ्तर को 'मयखाना' बनाकर जाम छलकाते हुए पाए गए। यह घटना शनिवार, 14 मार्च 2026 की रात को प्रकाश में आई जब कार्यालय के अंदर शराबखोरी का एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कर्मचारी फाइलों के बीच मेज पर शराब की बोतल और गिलास सजाकर बैठे हैं।

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, स्थानीय निवासियों और विपक्षी दलों ने सरकारी कार्यसंस्कृति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सूचना मिलते ही एसडीएम ने स्वयं मामले की पुष्टि की और पाया कि दफ्तर में मौजूद कर्मचारी नशे की हालत में थे। 2 कर्मचारियों की पहचान मुख्य रूप से इस कृत्य में शामिल होने के रूप में हुई है।

एसडीएम कार्यालय के अंदर का दृश्य
वीडियो वायरल होने के बाद कार्यालय में मचे हड़कंप का दृश्य।

महत्वपूर्ण घटनाक्रम और कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे 'जीरो टॉलरेंस' का मामला माना है। हुजूर एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति और कार्यालय की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यालय के भीतर इस तरह की अनुशासनहीनता बेहद गंभीर है। हमने वीडियो का संज्ञान लिया है और दोनों संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हुजूर एसडीएम, प्रशासनिक अधिकारी

मामले में शामिल कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि वे अपनी बेगुनाही का सबूत नहीं दे पाते हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा सकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह घटना मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन और निगरानी पर सवाल खड़े करती है। एक उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) का कार्यालय जिले की न्याय और कानून व्यवस्था का केंद्र होता है, जहाँ जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आती है। कार्यालय समय के बाद या दौरान शराबखोरी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जनता के विश्वास को भी ठेस पहुँचाती है। इस मामले में सख्त कार्रवाई अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नजीर पेश करेगी ताकि भविष्य में सरकारी परिसरों का दुरुपयोग न हो।

प्रशासनिक कार्रवाई और नोटिस
एसडीएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा और प्रशासनिक सक्रियता।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कलेक्टर को अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी। दोनों कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। प्रशासन कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने और रात्रि सुरक्षा गार्डों की जवाबदेही तय करने पर विचार कर रहा है।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

रीवा एसडीएम कार्यालय में क्या घटना हुई?

हुजूर एसडीएम कार्यालय के बाबू और कुछ कर्मचारी दफ्तर के अंदर शराब पीते हुए पकड़े गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

दोषी कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?

हुजूर एसडीएम ने मामले में संलिप्त 2 कर्मचारियों को औपचारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया है और निलंबन की चेतावनी दी है।

यह वीडियो कब और कहाँ का है?

यह वीडियो 14 मार्च 2026 की रात का है और मध्य प्रदेश के रीवा जिले के हुजूर तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय का है।

क्या दफ्तर में शराब पीना कानूनी अपराध है?

हाँ, सरकारी कार्यालय में शराब का सेवन करना सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए कर्मचारी को बर्खास्त किया जा सकता है।

Politics & Law Desk profile photo

Written by

Politics & Law Desk

Government & Public Affairs

Analyzes political and legal developments.

PoliticsPublic PolicyLegal Affairs

📚Resources

Sources and references cited in this article.