रमेश बिधूड़ी की 'पंचर' टिप्पणी से दिल्ली में बढ़ा सियासी बवाल: NEET प्रदर्शन पर दिए बयान पर घेराव
भाजपा के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बेहद विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि वहां 'छात्र कम और पंचर लगाने वाले ज्यादा थे।' उनके इस बयान के बाद देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में प्रचंड बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने इस बयान को बेरोजगार युवाओं और एक खास समुदाय का अपमान करार दिया है।

मामले से जुड़ी मुख्य बातें
तुगलकाबाद एमबी रोड पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली का विरोध कर रहे लोगों में असली छात्र बहुत कम थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भीड़ जुटाने के लिए बेरोजगारों और ताला-चाबी बनाने वालों को लाया गया था। बिधूड़ी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोग आम छात्र नहीं हो सकते।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता नाज़िया दानिश ने इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि 'पंचर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके एक विशिष्ट समुदाय और मेहनत-मजदूरी करने वाले युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक ढांचे के खिलाफ बताया।
घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा
NEET पेपर लीक विवाद के बाद देशभर के छात्रों का गुस्सा चरम पर था। इसी सिलसिले में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी देखने को मिली थीं। इसके बाद 31 जुलाई की देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम लाइव आकर Gen-Z युवाओं को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि प्रदर्शन में कुछ लोगों ने उनके और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने ऐसे भटके हुए युवाओं को माफ करने की बात कही थी।

इसी पृष्ठभूमि में बिधूड़ी ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 58 साल के होने जा रहे हैं और कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे, इसलिए वे देश में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। NEET विवाद के लगातार बढ़ने के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था, और सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।
मुख्य चेहरे और विवाद के केंद्र बिंदु
रमेश बिधूड़ी दक्षिण दिल्ली से दो बार सांसद रह चुके हैं और तीन बार विधायक चुने गए हैं। वे अपने आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि प्रदर्शन में सीलमपुर, जाफराबाद और यूपी के सहारनपुर से लोगों को लाया गया था।

इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- 20 जुलाई: जंतर-मंतर पर छात्रों का 'चलो संसद' मार्च और सुरक्षाबलों के साथ झड़प।
- 31 जुलाई: पीएम मोदी का देर रात इंस्टाग्राम लाइव संबोधन और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने वालों को माफी।
- 47 कर्मचारी: पेपर लीक मामले में NTA के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरी।
- मुख्य आरोप: बिधूड़ी का दावा कि प्रदर्शन में केवल 15-20 प्रतिशत ही असली छात्र मौजूद थे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध
बिधूड़ी के बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता नाज़िया दानिश ने कहा कि भाजपा नेता देश के युवाओं के रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय उनका उपहास उड़ा रहे हैं। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मांग की है कि वह इस अमर्यादित टिप्पणी पर अपनी स्थिति साफ करे और सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दे।
आगे किस बात पर रहेगी नजर
NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA के कर्मचारियों पर कार्रवाई के बावजूद छात्र संगठन पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा बिधूड़ी के इस बयान से खुद को अलग करती है या इस पर राजनीति और ज्यादा गरमाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
- उन्होंने दावा किया कि NEET विरोध प्रदर्शन में असली छात्र बहुत कम थे और वहां पंचर लगाने तथा ताला-चाबी बनाने वाले लोग ज्यादा मौजूद थे।
- नाज़िया दानिश ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- कांग्रेस नेता नाज़िया दानिश ने कहा कि यह बयान बेरोजगार युवाओं और मुस्लिम समाज का अपमान है तथा भाजपा समाज में विभाजन पैदा कर रही है।
- NEET मामले में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
- तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने NTA के 47 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
- पीएम मोदी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या कहा था?
- पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि प्रदर्शन में कुछ लोगों ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने ऐसे युवाओं को माफ कर दिया है।
संसाधन
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