कांग्रेस ने तीन राज्यों की कमान बदली, यूपी में दलित चेहरे पर बड़ा दांव
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से निकला एक संगठनात्मक आदेश तीन राज्यों की राजनीति में हलचल छोड़ गया। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा में पार्टी ने नए प्रभारी नियुक्त किए हैं, और फैसले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश पर है, जहां अविनाश पांडे की जगह राजेंद्र पाल गौतम को जिम्मेदारी दी गई है। हरियाणा में संजय दत्त और ओडिशा में लालजी देसाई को संगठन की कमान सौंपी गई है।

घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा के लिए नई नियुक्तियों को मंजूरी दी। तीनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
उत्तर प्रदेश में राजेंद्र पाल गौतम को अविनाश पांडे की जगह प्रभारी बनाया गया है। गौतम दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके हैं, सितंबर 2024 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग का अध्यक्ष बनाया गया।
हरियाणा में संजय दत्त को बी.के. हरिप्रसाद की जगह जिम्मेदारी मिली है। हरिप्रसाद को अब कर्नाटक कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। ओडिशा में लालजी देसाई ने अजय कुमार लल्लू की जगह ली है, जबकि बी.वी. श्रीनिवास को लालजी देसाई की जगह कांग्रेस सेवा दल का नया मुख्य आयोजक नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस ने निवर्तमान प्रभारियों अविनाश पांडे, बी.के. हरिप्रसाद और अजय कुमार लल्लू के योगदान की सराहना भी की। यह संकेत है कि बदलाव को सिर्फ अदला-बदली की तरह नहीं, बल्कि चुनावी और संगठनात्मक तैयारी की दिशा में कदम की तरह पेश किया जा रहा है।
परदे के पीछे की वजह
उत्तर प्रदेश का फैसला सबसे राजनीतिक माना जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले दिसंबर 2023 में अविनाश पांडे को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। अजय राय के साथ उनकी जिम्मेदारी के दौरान कांग्रेस ने 2024 में उत्तर प्रदेश में 6 लोकसभा सीटें जीतीं, जबकि 2019 में पार्टी सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई थी।

राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति में सामाजिक न्याय की रेखा साफ दिखती है। वह दलित समुदाय से आते हैं, पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय व आरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस की नजर दलित और पिछड़े वर्ग के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने पर है।
गौतम हाल में बसपा प्रमुख मायावती से मिलने की कोशिश को लेकर भी चर्चा में आए थे। वह सांसद तनुज पुनिया के साथ मायावती के आवास तक गए, लेकिन मुलाकात तय न होने के कारण वापस लौटना पड़ा। तनुज पुनिया ने बाद में कहा था कि वे केवल मायावती के स्वास्थ्य का हाल लेने गए थे।
बयान और सियासी आवाजें
नियुक्ति के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने अपनी प्राथमिकता सीधे शब्दों में रखी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी का आभार जताया।
मेरा मकसद यही है कि खरगे जी और राहुल जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को फिर से मजबूत किया जाए और भाजपा की बहुजन विरोधी सरकार को सत्ता से बाहर किया जाए। मैं इसी मकसद से काम करूंगा
गौतम ने यह भी दावा किया कि प्रदेश का बहुजन समाज राहुल गांधी को अपने नेता के रूप में देख रहा है। यह बयान कांग्रेस की उस लाइन से मेल खाता है जिसमें पार्टी उत्तर प्रदेश में दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच अपना संगठन मजबूत करना चाहती है।
दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर दोनों दलों पर निशाना साधा। इस तरह गौतम की नियुक्ति के साथ ही यूपी में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सियासी भाषा और तेज हो गई है।
तस्वीर को व्यापक संदर्भ में
यह फेरबदल सिर्फ राज्य प्रभारियों की सूची नहीं है। कांग्रेस ने दिल्ली में भी सभी 70 विधानसभा सीटों पर 509 मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। पार्टी ने कहा कि इसका मकसद बूथ स्तर के नेटवर्क को मजबूत करना है, खासकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान।

हरियाणा में संजय दत्त की नियुक्ति संगठनात्मक अनुभव पर भरोसे का संकेत देती है। वह एआईसीसी सचिव हैं, एनएसयूआई से राजनीति शुरू कर चुके हैं और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा हिमाचल प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। हरियाणा में नई कमान ऐसे समय आई है जब पुराने प्रभारी हरिप्रसाद को कर्नाटक की जिम्मेदारी मिल चुकी है।
ओडिशा में लालजी देसाई को अजय कुमार लल्लू की जगह लाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व देसाई के संगठनात्मक अनुभव से राज्य में पार्टी को मजबूत करने की उम्मीद कर रहा है। अजय कुमार लल्लू के ओडिशा से हटने के बाद उनके उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर सक्रिय होने के संकेत भी दिए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब नए प्रभारियों के सामने पहला काम अपने-अपने राज्यों में संगठन से सीधा संवाद बनाना होगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि नियुक्तियां लागू हो चुकी हैं, इसलिए राजेंद्र पाल गौतम, संजय दत्त और लालजी देसाई जल्द राज्यों में जिम्मेदारी संभालेंगे।
उत्तर प्रदेश में चुनौती सबसे बड़ी है, क्योंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना बताई गई है। गौतम के पास कांग्रेस के लिए दलित और पिछड़े वर्गों में संदेश ले जाने, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाने और 2024 में मिली बढ़त को आगे बढ़ाने का सीमित समय होगा।
हरियाणा और ओडिशा में भी इन नियुक्तियों की परीक्षा जमीनी संगठन में दिखेगी। आदेश जारी हो चुका है; अब नजर इस पर रहेगी कि नए प्रभारी राज्य इकाइयों में कितनी जल्दी असर पैदा कर पाते हैं।
सवाल-जवाब
कांग्रेस ने किन राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त किए?
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा में नए एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किए हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया प्रभारी कौन है?
राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने अविनाश पांडे की जगह ली है।
संजय दत्त को किस राज्य की जिम्मेदारी मिली?
संजय दत्त को हरियाणा कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह बी.के. हरिप्रसाद की जगह आए हैं।
ओडिशा कांग्रेस का नया प्रभारी कौन है?
लालजी देसाई को ओडिशा कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। वह अजय कुमार लल्लू की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे।
राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति क्यों अहम मानी जा रही है?
गौतम दलित समुदाय से आते हैं और कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यूपी चुनाव से पहले उनकी नियुक्ति को सामाजिक न्याय की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या ये नियुक्तियां तुरंत लागू हो गई हैं?
हां, कांग्रेस ने कहा है कि ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
संसाधन
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