आखिर क्यों खास है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कूनो दौरा और चीता प्रोजेक्ट की यह नई रिपोर्ट?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा कर प्रोजेक्ट चीता की प्रगति और 49 चीतों की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की।

Kuno National Park: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कूनो दौरा
अंतिम अपडेटJun 22, 2026, 10:43:33 AM
1 सप्ताह पहले
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आखिर क्यों खास है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कूनो दौरा और चीता प्रोजेक्ट की यह नई रिपोर्ट?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे के अंतिम चरण में श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा कर महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में आधुनिक ट्रैकिंग प्रणाली को देखा और देश में मौजूद कुल 52 चीतों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
चीता पुनर्वास कार्यक्रम की प्रगति देखतीं राष्ट्रपति मुर्मू। — Dainik Bhaskar

कूनो में चीतों की स्थिति और तकनीकी निगरानी

रविवार दोपहर वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर एयरबेस पहुंचने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सीधे हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति को विस्तृत प्रदर्शनी के माध्यम से प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर अब तक की उपलब्धियों से अवगत कराया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत में वर्तमान में कुल 52 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 49 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं, जबकि तीन चीतों को मंदसौर स्थित गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है।

चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के निरीक्षण के दौरान राष्ट्रपति ने लाइव लोकेशन स्क्रीन पर चीतों की मूवमेंट को देखा। पार्क के वन्यजीव विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि प्रत्येक चीते की सुरक्षा और व्यवहार पर नज़र रखने के लिए रेडियो कॉलर और अन्य आधुनिक तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान जिन आठ चीतों को सांकेतिक रूप से रिसीव किया था, उन्हें ही बाद में भारत लाकर कूनो में बसाया गया है।

चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण करतीं राष्ट्रपति मुर्मू
अधिकारियों से चीतों की ट्रैकिंग प्रक्रिया समझतीं राष्ट्रपति। — Jagran

मुख्य भागीदार और प्रशासनिक तंत्र

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान राष्ट्रपति के साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी उपस्थित रहे। कूनो नेशनल पार्क में जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को संभालने वाले प्रमुख अधिकारियों में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार, श्योपुर जिले की कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर. थिरूकुराल शामिल रहे, जिन्होंने राष्ट्रपति को वन्यजीव प्रबंधन की बारीकियों से परिचित कराया। इसके साथ ही ग्वालियर एयरबेस पर सुरक्षा और अगवानी की कमान आईजी अरविंद सक्सेना, डीआईजी असित यादव और कलेक्टर रुचिका चौहान ने संभाली।

प्रोजेक्ट चीता के महत्वपूर्ण आंकड़े

भारत में वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में इस परियोजना के आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं:

  • 52: भारत में वर्तमान में मौजूद चीतों की कुल संख्या।
  • 49: कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मौजूद चीतों की संख्या।
  • 3: गांधी सागर अभयारण्य (मंदसौर) भेजे गए चीतों की संख्या।
  • 2: कूनो के जंगलों में वन्यजीवों के लिए हर दो किलोमीटर पर बनाए गए वाटर पिट्स का फासला, ताकि गर्मियों में पानी की कमी न हो।
  • 1952: वह वर्ष जब भारत में चीतों को आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित कर दिया गया था।

स्थानीय पर्यावरण और कूनो का महत्व

प्रोजेक्ट चीता सिर्फ एक प्रजाति को वापस लाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य भारतीय घास के मैदानों और जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की एक ऐतिहासिक कोशिश है। साल 2022 में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण के तहत लाए गए इन वन्यजीवों के लिए कूनो की भौगोलिक स्थिति बेहद अनुकूल साबित हुई है। गर्मियों के दौरान वन्यजीवों को पानी की समस्या न हो, इसके लिए वन विभाग ने पूरे जंगल में हर दो किलोमीटर की दूरी पर कृत्रिम वाटर पिट विकसित किए हैं, जिनमें नियमित रूप से पानी भरा जाता है।

भावी योजना और स्थानीय समुदाय से जुड़ाव

अपने प्रवास के अगले चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कूनो के जंगलों में विशेष सफारी के जरिए चीतों को नजदीक से देखेंगी। इस दौरान वह कूनो फील्ड टीम, स्थानीय गाइड, चीता सफारी के चालकों और विशेष रूप से सहरिया जनजाति के 'चीता मित्रों' से सीधा संवाद करेंगी। आदिवासी समाज के स्थानीय लोगों की इस परियोजना में सक्रिय भागीदारी ही कूनो प्रोजेक्ट की दीर्घकालिक सफलता का मुख्य आधार मानी जा रही है। इस दौरे की समाप्ति के बाद वह सोमवार को ही ग्वालियर एयरबेस से दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भारत में वर्तमान में कुल कितने चीते हैं और वे कहां स्थित हैं?
भारत में कुल 52 चीते हैं, जिनमें से 49 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में और 3 चीते गांधी सागर अभयारण्य, मंदसौर में हैं।
भारत में चीतों को कब विलुप्त घोषित किया गया था?
अत्यधिक शिकार और आवास नष्ट होने के कारण भारत में चीतों को वर्ष 1952 में विलुप्त घोषित किया गया था।
कूनो में चीतों की निगरानी कैसे की जाती है?
चीतों की गतिविधियों, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर नज़र रखने के लिए रेडियो कॉलर और कमांड सेंटर की आधुनिक ट्रैकिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
गर्मियों में कूनो के वन्यजीवों के लिए पानी की क्या व्यवस्था है?
कूनो के जंगलों में वन्यजीवों की सुविधा के लिए प्रत्येक दो किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं, जहां नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती है।
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लेखक

Sandy Nageeb

वरिष्ठ संपादक

प्रौद्योगिकी, विज्ञान और स्वास्थ्य को कवर करने वाले अनुभवी लेखक और संपादक।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

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