48 गेंद में शतक और आठ छक्के—धर्मशाला में रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारत के खिलाफ ऐसी पारी खेली, जिसने बारिश से कटे पहले वनडे को अचानक रिकॉर्डों की रात बना दिया। अफगानिस्तान 26 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था, लेकिन गुरबाज ने 51 गेंदों पर 102 रन बनाकर पारी को 194 तक पहुंचाया। भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ रनचेज नहीं रहा; ईशान किशन की तेज 34 रन की पारी, शुभमन गिल का अर्धशतक और दो नए गेंदबाजों का डेब्यू भी कहानी के अहम हिस्से बने।

मुख्य बात साफ है
- बारिश के कारण भारत-अफगानिस्तान पहला वनडे 25-25 ओवर का कर दिया गया।
- अफगानिस्तान ने 24.5 ओवर में 194 रन बनाए और भारत को 195 रन का लक्ष्य दिया।
- गुरबाज ने 51 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और आठ छक्के शामिल रहे।
- ईशान किशन ने 22 गेंदों में 34 रन बनाए, लेकिन राशिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया।
- हर्ष दुबे और गुरनूर बरार ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में तीन-तीन विकेट लेकर भारत को वापसी दिलाई।
मैच की परतें
धर्मशाला में मैच की शुरुआत ही मौसम के इशारे पर हुई। टॉस में देरी हुई, ओवर घटे और भारत के कप्तान शुभमन गिल ने बादलों और संभावित सीम मूवमेंट को देखते हुए पहले गेंदबाजी चुनी। गिल ने टॉस के बाद कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी दिख रही है, लेकिन शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को मदद मिल सकती है।
पहले कुछ ओवरों में भारत की योजना सही साबित होती दिखी। इब्राहिम जादरान 1 रन पर, सेदिकुल्लाह अटल शून्य पर और रहमत शाह 3 रन पर लौट गए। स्कोर 26 पर तीन था। इसी मोड़ पर गुरबाज ने पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने 25 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ चौथे विकेट के लिए 116 रन जोड़े।

गुरबाज ने 48 गेंदों में शतक पूरा कर अफगानिस्तान के लिए सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले मोहम्मद शहजाद ने 2010 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 72 गेंदों में शतक लगाया था। भारत के खिलाफ सबसे तेज वनडे शतक की सूची में गुरबाज अब दूसरे नंबर पर हैं; उनसे आगे शाहिद आफरीदी की 45 गेंदों की पारी है, जो 2005 में कानपुर में आई थी।
भारत ने पारी के दूसरे हिस्से में तेजी से वापसी की। नीतीश कुमार रेड्डी ने गुरबाज को 102 पर बोल्ड किया। हर्ष दुबे ने शाहिदी, अजमतुल्लाह उमरजई और एएम गजनफर के विकेट लिए, जबकि गुरनूर बरार ने आखिरी ओवर में राशिद खान और जियाउर रहमान शरीफी को आउट कर पारी समेटी। अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी को दो-दो सफलताएं मिलीं।
इसका असर क्यों बड़ा है
भारत के नजरिए से यह मैच नई संरचना की परीक्षा जैसा था। विराट कोहली इस सीरीज में चोट के कारण नहीं खेल रहे हैं, और हार्दिक पंड्या भी टीम में नहीं हैं। ऐसे में शुभमन गिल की कप्तानी, ईशान किशन की भूमिका और मध्यक्रम की बनावट पर नजर स्वाभाविक रूप से गई। ईशान ने रोहित शर्मा के रनआउट के बाद गिल के साथ 70 रन जोड़े और 34 रन की पारी से भारत को लक्ष्य के करीब रखने में मदद की।
अफगानिस्तान के लिए गुरबाज की पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी। 26 पर तीन विकेट से 194 तक पहुंचना बताता है कि उनकी बल्लेबाजी अब एक खिलाड़ी की चमक से आगे बढ़कर दबाव में जवाब देने की क्षमता दिखा रही है। फिर भी आखिरी नौ विकेट 168 रन के भीतर गिरना यह भी बताता है कि तेज शुरुआत को लंबी पारी में बदलने की चुनौती बनी हुई है।

घरेलू क्रिकेट से भारतीय टीम तक का रास्ता भी इस मुकाबले में साफ दिखा। हर्ष दुबे ने 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन में 69 विकेट लिए थे और विदर्भ के लिए 400 से अधिक रन भी बनाए थे। गुरनूर बरार पंजाब से आए 25 वर्षीय तेज गेंदबाज हैं। दोनों का एक ही मैच में असर डालना भारत के लिए उपयोगी संकेत है, खासकर तब जब टीम 2027 वनडे विश्व कप से पहले अलग-अलग संयोजन आजमा रही है।
आगे क्या होगा
यह तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला है। धर्मशाला की बारिश ने पहले मैच को 25 ओवर का बना दिया, इसलिए बाकी मैचों में टीम संयोजन को लेकर भारत और अफगानिस्तान दोनों के पास ज्यादा साफ संकेत मिल सकते हैं।
भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि कोहली की गैरमौजूदगी में शीर्ष क्रम और मध्यक्रम का संतुलन कैसे बनेगा। अफगानिस्तान के लिए गुरबाज की फॉर्म बड़ी ताकत है, लेकिन उसे ऐसे स्कोर को जीत की स्थिति में बदलने के लिए गेंदबाजी और फिनिशिंग दोनों में सटीकता चाहिए।
लोग यह भी पूछ रहे हैं
रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारत के खिलाफ कितने रन बनाए?
गुरबाज ने धर्मशाला वनडे में 51 गेंदों पर 102 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और आठ छक्के शामिल थे।
गुरबाज का यह शतक इतना खास क्यों है?
उन्होंने 48 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अफगानिस्तान के किसी बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 72 गेंदों में शतक बनाया था।
ईशान किशन ने इस मैच में कैसा प्रदर्शन किया?
ईशान किशन ने 22 गेंदों में 34 रन बनाए। रोहित शर्मा के रनआउट के बाद उन्होंने शुभमन गिल के साथ 70 रन की साझेदारी की, लेकिन राशिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया।
भारत के लिए किन खिलाड़ियों ने डेब्यू किया?
हर्ष दुबे और गुरनूर बरार ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। हर्ष को केएल राहुल ने और गुरनूर को शुभमन गिल ने डेब्यू कैप दी।
अफगानिस्तान ने भारत को कितना लक्ष्य दिया?
अफगानिस्तान ने 24.5 ओवर में 194 रन बनाए। बारिश के कारण मैच 25-25 ओवर का था, इसलिए भारत को जीत के लिए 195 रन का लक्ष्य मिला।