4-1 की जीत में डेम्बेले की हैट्रिक, फ्रांस शीर्ष पर
जिस मुकाबले को एमबापे बनाम हालैंड की टक्कर कहा जा रहा था, उसे उस्मान डेम्बेले ने पहले आधे घंटे में अपने नाम कर लिया। फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप-आई में शीर्ष स्थान पक्का किया, जबकि सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर अपनी उम्मीदों को फिर जिंदा कर दिया। फीफा विश्व कप 2026 के इस चरण में नतीजे सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि अंतिम-32 की पूरी गणित बदल रहे हैं। भारत में रात और सुबह के समय मैच देखने वाले फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह दौर असली छंटनी का है।

अब तक क्या साफ हुआ
फ्रांस ने नॉर्वे के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक लय पकड़ी। डेम्बेले ने सातवें, 20वें और 32वें मिनट में गोल करके पहले हाफ में ही मुकाबले का संतुलन तोड़ दिया। नॉर्वे के लिए थियो आसगार्ड ने 21वें मिनट में गोल कर स्कोर 2-1 किया, लेकिन फ्रांस ने दबाव घटने नहीं दिया। इंजरी टाइम में डिजायर डुए के गोल ने जीत को 4-1 पर बंद किया।
मैच से पहले निगाहें किलियन एमबापे और एर्लिंग हालैंड पर थीं। दोनों खिलाड़ी शुरुआती मैचों में चार-चार गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में थे, लेकिन इस रात कहानी अलग लिखी गई। एमबापे ने गोल नहीं किया, पर दो गोल में असिस्ट देकर फ्रांस के हमले की दिशा तय की। डेम्बेले का प्रदर्शन इसलिए भी बड़ा है क्योंकि स्रोतों के अनुसार 2026 विश्व कप से पहले उन्होंने विश्व कप और यूरो कप के लगातार 19 मैचों में गोल नहीं किया था।
इस हैट्रिक ने रिकॉर्ड की किताब भी खोली। डेम्बेले 1994 में ओलेग सालेन्को के बाद विश्व कप मैच के पहले हाफ में हैट्रिक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बताए गए। उनकी 32 मिनट की हैट्रिक टूर्नामेंट इतिहास की दूसरी सबसे तेज हैट्रिक के रूप में दर्ज की गई; इससे तेज उपलब्धि 1954 में एरिक प्रोब्स्ट ने 24 मिनट में हासिल की थी।

सेनेगल ने इराक के खिलाफ चौथे मिनट में ही हबीब डियारा के गोल से बढ़त बना ली। 13वें मिनट में रेबिन सुलाका को रेड कार्ड मिलने के बाद इराक 10 खिलाड़ियों के साथ खेला और मैच का रुख और कठिन हो गया। दूसरे हाफ में इस्माइला सार, पापे गुएए और इलिमान एनडियाये ने गोलों की बारिश कर दी। सेनेगल की 5-0 की जीत ने उसके गोल अंतर को सुधारा और अंतिम-32 की दावेदारी को बाकी नतीजों पर टिकाए रखा।
आवाजें और रुख
उपलब्ध स्रोतों में किसी खिलाड़ी या कोच का प्रत्यक्ष उद्धरण नहीं है, इसलिए इस हिस्से को मैदान पर दिखे संकेतों तक सीमित रखना बेहतर है। फ्रांस का रुख साफ दिखा: पहले ही नॉकआउट में पहुंचने के बावजूद उसने रफ्तार कम नहीं की। नॉर्वे ने शुरुआती एकादश में 10 बदलाव किए, जो अपने-आप में बड़ा संकेत था कि टीम आगे के दौर को ध्यान में रखकर जोखिम और आराम के बीच संतुलन बना रही थी।
सेनेगल के लिए बात सम्मानजनक विदाई से आगे निकल गई। शुरुआती दो हार के बाद टीम को सिर्फ जीत नहीं, बड़े अंतर की जीत चाहिए थी। इराक के रेड कार्ड ने रास्ता आसान किया, लेकिन सेनेगल ने मौके को गोल अंतर में बदला। ऐसी स्थितियों में सिर्फ तीन अंक काफी नहीं होते; हर गोल अगले दौर की गणना में असर डाल सकता है।
भारत के दर्शकों पर असर
भारत में विश्व कप देखने वालों के लिए ये नतीजे दो वजहों से अहम हैं। पहली, अंतिम-32 की तस्वीर अब तेजी से साफ हो रही है, इसलिए देर रात और सुबह के मैचों की अहमियत बढ़ गई है। दूसरी, फ्रांस जैसी दावेदार टीम की फॉर्म भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए नॉकआउट चरण की कहानी तय कर सकती है, क्योंकि बड़े मुकाबलों में आक्रामक लय अक्सर टूर्नामेंट की दिशा बदल देती है।
भारत में मैचों का समय भी इस दौर को अलग बनाता है। स्पेन-उरुग्वे सुबह 5:30 बजे, मिस्र-ईरान और न्यूजीलैंड-बेल्जियम जैसे मुकाबले सुबह के स्लॉट में रखे गए थे। कामकाजी दिनचर्या के बीच फुटबॉल देखने वालों के लिए अब चयन करना पड़ेगा कि कौन सा मैच लाइव देखा जाए और कौन सा बाद में।

आगे क्या होगा
ग्रुप-एच में स्पेन और उरुग्वे का मुकाबला निर्णायक है। उपलब्ध अपडेट के अनुसार स्पेन ने पहले हाफ में एलेक्स बाएना के 42वें मिनट के गोल से 1-0 की बढ़त बनाई थी, जबकि केप वर्डे और सऊदी अरब का मैच पहले हाफ तक गोलरहित था। स्पेन अगर स्थिति संभालता है तो ग्रुप में ऊपर रह सकता है, लेकिन हार की स्थिति में उसे दूसरे मैच के नतीजे पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
इसके बाद ग्रुप-जी में मिस्र-ईरान और न्यूजीलैंड-बेल्जियम की टक्कर भी अंतिम-32 के लिहाज से अहम है। स्रोतों के अनुसार बेल्जियम जीत के साथ आगे बढ़ सकता है, जबकि न्यूजीलैंड को जीत के साथ दूसरे मैच के नतीजे की भी जरूरत पड़ सकती है। ग्रुप चरण के अगले दिन पनामा-इंग्लैंड, क्रोएशिया-घाना, कोलंबिया-पुर्तगाल, डीआर कांगो-उजबेकिस्तान, अल्जीरिया-ऑस्ट्रिया और जॉर्डन-अर्जेंटीना के मुकाबले तय हैं।
एक नजर में
- फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप-आई में शीर्ष स्थान हासिल किया।
- उस्मान डेम्बेले ने सातवें, 20वें और 32वें मिनट में हैट्रिक पूरी की।
- एमबापे ने गोल नहीं किया, लेकिन फ्रांस के दो गोल में असिस्ट दिया।
- सेनेगल ने इराक को 5-0 से हराकर अंतिम-32 की उम्मीदें बरकरार रखीं।
- इराक के रेबिन सुलाका को 13वें मिनट में रेड कार्ड मिला।
- स्पेन-उरुग्वे और बेल्जियम-न्यूजीलैंड जैसे मुकाबले अगली तस्वीर तय करेंगे।
सवाल-जवाब
फ्रांस बनाम नॉर्वे मैच किसने जीता?
फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 से हराया और ग्रुप-आई में शीर्ष स्थान के साथ आगे बढ़ा।
फ्रांस की जीत का सबसे बड़ा खिलाड़ी कौन रहा?
उस्मान डेम्बेले सबसे बड़े खिलाड़ी रहे। उन्होंने सातवें, 20वें और 32वें मिनट में गोल कर हैट्रिक लगाई।
क्या एमबापे ने नॉर्वे के खिलाफ गोल किया?
नहीं, एमबापे ने गोल नहीं किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दो गोल में असिस्ट दिया।
सेनेगल ने इराक को कितने अंतर से हराया?
सेनेगल ने इराक को 5-0 से हराया। इस जीत से उसकी अंतिम-32 की उम्मीदें बनी हुई हैं।
इराक के लिए मैच कब मुश्किल हुआ?
13वें मिनट में रेबिन सुलाका को रेड कार्ड मिला। इसके बाद इराक 10 खिलाड़ियों के साथ खेला और सेनेगल ने दबाव बढ़ाया।
भारत में आगे किन मुकाबलों पर नजर रहेगी?
स्पेन-उरुग्वे, मिस्र-ईरान और न्यूजीलैंड-बेल्जियम जैसे मुकाबले भारतीय दर्शकों के लिए अहम हैं, क्योंकि इनके नतीजे अंतिम-32 की तस्वीर तय करेंगे।
संसाधन
इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।
