ट्रेंट ब्रिज में कीवी पलटवार: इंग्लैंड को 160 रन से हराकर न्यूजीलैंड ने सीरीज और समीकरण दोनों बदले
नॉटिंघम की बादलों भरी सुबह में इंग्लैंड के लिए रास्ता खुला दिख रहा था, लेकिन न्यूजीलैंड ने उसे कुछ ही ओवरों में संकरा कर दिया। ट्रेंट ब्रिज में 373 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लिश टीम 212 रन पर सिमट गई और न्यूजीलैंड ने तीसरा टेस्ट 160 रन से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह जीत सिर्फ एक मैच का परिणाम नहीं रही; इसने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में न्यूजीलैंड को शीर्ष दो के बेहद करीब ला दिया।

मैच कैसे पलटा
न्यूजीलैंड ने पहली पारी में बड़ा आधार बनाया। कप्तान टॉम लैथम ने 151 रन बनाए और डेवोन कॉन्वे ने 157 रन की पारी खेली। इसी वजह से कीवी टीम 438 रन तक पहुंची। जवाब में इंग्लैंड 354 रन पर आउट हुआ, यानी न्यूजीलैंड को पहली पारी से ही 84 रन की बढ़त मिल चुकी थी।
दूसरी पारी में शुरुआत आसान नहीं थी। जोफ्रा आर्चर ने नई गेंद से टॉम लैथम और डेवोन कॉन्वे को जल्दी आउट किया, जिससे न्यूजीलैंड 12 रन पर दो विकेट गंवाकर दबाव में आ गया। बाद में रचिन रवींद्र और डेरिल मिचेल ने पारी संभाली। तीसरे दिन रवींद्र 60 रन पर नाबाद लौटे और मिचेल 26 रन पर टिके रहे।
चौथे दिन मिचेल ने वही काम किया जिसकी टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कीमत होती है: एक छोर रोकना। उन्होंने 241 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 1 छक्का शामिल था। न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी 9 विकेट पर 288 रन बनाकर घोषित की और इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की। बेन स्टोक्स और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। स्टोक्स 30 और डकेट 36 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विकेट तेजी से गिरे। जो रूट 18 रन पर रन आउट हुए, एमिलियो गे 10 रन पर लौटे और इंग्लैंड 116 रन पर 6 विकेट गंवाकर गहरी मुश्किल में था।
अहम बातें
इस मैच की असली कहानी न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजों की वापसी में छिपी थी। पहली पारी में लैथम और कॉन्वे के शतकों ने टीम को बड़ा स्कोर दिया, लेकिन निर्णायक असर दूसरी पारी में मिचेल के नाबाद शतक ने डाला। जब टीम शुरुआती झटकों में फंसी थी, तब मिचेल ने समय को हथियार बनाया और इंग्लैंड की वापसी की उम्मीदों को लंबा खींचकर कमजोर किया।

मिचेल के लिए यह पारी निजी तौर पर भी बड़ी रही। लॉर्ड्स टेस्ट में वह 12 और 0 रन पर आउट हुए थे। द ओवल में उन्होंने 44 और 68 रन बनाकर वापसी के संकेत दिए। ट्रेंट ब्रिज में नाबाद 100 रन के साथ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया। इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी खास है: 13 मैचों में 56.71 की औसत से 1191 रन, जिनमें 4 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं।
गेंदबाजी में भी न्यूजीलैंड ने सही समय पर दबाव बनाया। इंग्लैंड की पहली पारी में नाथन स्मिथ ने 4 विकेट लिए, जबकि विल ओरूर्क और जैक फाउलकेस ने 3-3 विकेट लेकर मेजबानों को 354 रन पर रोका। पांचवें दिन भी स्मिथ ने अहम झटके दिए और मिशेल सैंटनर ने जेमी स्मिथ को 60 रन पर आउट कर मैच समाप्त किया।
बयान और प्रतिक्रियाएं
सीरीज जीतने के बाद कप्तान टॉम लैथम ने इसे पूरी टीम की मेहनत का नतीजा बताया। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में उनका बयान इसलिए अहम था क्योंकि इस जीत में सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में बल्लेबाजों, तेज गेंदबाजों और स्पिनर की भूमिका रही।
यह वास्तव में एक बेहद खास पल है। जब आप किसी सीरीज की शुरुआत करते हैं, तो आप इसी मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे सुखद बात यह रही कि इन तीनों मैचों में यह पूरी टीम का सामूहिक प्रयास था।
लैथम ने यह भी कहा कि टीम उस खेल शैली पर टिकी रही जिस पर उसे गर्व है। यही बात इस सीरीज की दिशा समझाती है। पहला मैच हारने के बाद न्यूजीलैंड ने जल्दबाजी नहीं की, बल्कि लंबे प्रारूप की पुरानी ताकतों—धैर्य, साझेदारी और अनुशासित गेंदबाजी—से वापसी की।
बड़ी तस्वीर
यह जीत न्यूजीलैंड के लिए ऐतिहासिक बताई जा रही है, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में पहली बार उसने पहला मैच गंवाने के बाद तीन मैचों की टेस्ट सीरीज जीती। इंग्लैंड के लिए यह हार और चुभने वाली रही, क्योंकि घरेलू जमीन पर 2015 से खेले गए 23 सीरीज में उसकी सिर्फ 2 सीरीज हार दर्ज हैं और दोनों बार उसे न्यूजीलैंड ने ही हराया। इससे पहले 2021 में भी इंग्लैंड को घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से गंवानी पड़ी थी।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भी यह परिणाम बड़ा है। न्यूजीलैंड 6 मैचों में 4 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ के साथ 72.22 प्रतिशत अंक पर पहुंच गया है। दक्षिण अफ्रीका 75.00 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 87.50 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है। यानी न्यूजीलैंड अब फाइनल की दौड़ में सीधे दबाव बना रहा है।
भारत के लिए तस्वीर आसान नहीं है। भारतीय टीम 9 टेस्ट में 4 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 48.15 प्रतिशत पर पांचवें स्थान पर है। स्थान में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन न्यूजीलैंड का प्रतिशत ऊपर जाने से भारत के लिए शीर्ष दो तक पहुंचने की चुनौती और कड़ी हो गई है।
अब आगे क्या
न्यूजीलैंड के लिए अगला लक्ष्य साफ है: इस लय को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में बनाए रखना। टीम तीसरे स्थान पर है और दूसरे स्थान वाली दक्षिण अफ्रीका से बहुत पीछे नहीं। ऐसे में हर अगली टेस्ट सीरीज अब सिर्फ द्विपक्षीय मुकाबला नहीं रहेगी, बल्कि फाइनल की गणित से जुड़ी होगी।
इंग्लैंड के लिए सवाल अलग हैं। 13 टेस्ट में 4 जीत, 8 हार और 1 ड्रॉ के बाद उसका प्रतिशत 24.36 तक गिर गया है। सातवां स्थान बताता है कि आक्रामक बल्लेबाजी की शैली तभी टिकाऊ बनती है जब गेंदबाजी और निचला क्रम दबाव के समय साथ दें। ट्रेंट ब्रिज ने यही फर्क सामने रख दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को तीसरे टेस्ट में कितने रन से हराया?
न्यूजीलैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड को 160 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली।
इंग्लैंड को जीत के लिए कितना लक्ष्य मिला था?
न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा था। इंग्लैंड की दूसरी पारी 212 रन पर समाप्त हुई।
डेरिल मिचेल ने तीसरे टेस्ट में कितने रन बनाए?
डेरिल मिचेल ने न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में नाबाद 100 रन बनाए। यह उनके टेस्ट करियर का छठा शतक था।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में न्यूजीलैंड किस स्थान पर है?
इस जीत के बाद न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया पहले और दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है।
इस नतीजे का भारत पर क्या असर पड़ा?
भारत पांचवें स्थान पर बना रहा, लेकिन न्यूजीलैंड के 72.22 प्रतिशत तक पहुंचने से शीर्ष दो की दौड़ भारत के लिए और कठिन हो गई।
संसाधन
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