गुरुग्राम में दफ्तर जाना होगा आसान: मेट्रो से सीधे स्काईवॉक के जरिए पहुंचेंगे ऑफिस, 3 स्टेशन बनेंगे मल्टी मॉडल

गुरुग्राम मेट्रो के सेक्टर 45, साइबर पार्क और सेक्टर 72-A स्टेशनों को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। स्काईवॉक, बस बे और ऑटो स्टैंड बनने से कॉरपोरेट कर्मचारियों की आवाजाही सुगम होगी।

गुरुग्राम मेट्रो विस्तार: 3 नए मल्टी मॉडल स्टेशन और स्काईवॉक योजना
📢विज्ञापन

गुरुग्राम मेट्रो विस्तार: सेक्टर 45, साइबर पार्क और सेक्टर 72-A बनेंगे मल्टी मॉडल स्टेशन, स्काईवॉक से जुड़ेंगे दफ्तर

गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत तीन प्रमुख स्टेशनों—सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क और सेक्टर 72-A को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जीएमडीए और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की बैठक में तय हुई इस योजना के तहत इन स्टेशनों से आसपास की कॉरपोरेट इमारतों तक सीधे स्काईवॉक बनाए जाएंगे। इससे रोजाना दफ्तर जाने वाले हजारों कर्मचारियों को सड़क पर उतरे बिना सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिलेगी।

गुरुग्राम मेट्रो विस्तार
गुरुग्राम मेट्रो का नया विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा — News18 Hindi

क्या है नई व्यवस्था

गुरुग्राम में मेट्रो से उतरने के बाद गंतव्य तक पहुंचने की परेशानी को खत्म करने के लिए तीन स्टेशनों को बहुआयामी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क और सेक्टर 72-A के पास बड़े कॉरपोरेट ऑफिस और खेल संस्थान स्थित हैं। इन स्टेशनों पर केवल स्काईवॉक ही नहीं, बल्कि समर्पित बस बे, ऑटो पिक एंड ड्रॉप पॉइंट और व्यवस्थित फुटपाथ भी बनाए जाएंगे। इससे मेट्रो, बस और ऑटो का सफर एक ही बिंदु पर जुड़ जाएगा और सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी।

परियोजना की पृष्ठभूमि

गुरुग्राम में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है। दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन के पास नए कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है ताकि यात्रियों को सीधा इंटरचेंज मिल सके। इस निर्माण के लिए एक निजी अस्पताल की 534 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही व्यापार केंद्र रोड की तरफ लगभग 350 मीटर लंबा रिवर्स ट्रैक बनाने के लिए रास्ते में आ रहे हाईटेंशन तारों को अंडरग्राउंड करने की योजना पर काम हो रहा है।

गुरुग्राम मेट्रो कनेक्टिविटी
मिलेनियम सिटी सेंटर के पास इंटरचेंज सुविधा विकसित की जा रही है — Amar Ujala

ताजा अपडेट और प्रशासनिक मंजूरी

हाल ही में जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीएमआरएल द्वारा तैयार डिजाइन पर विस्तृत चर्चा की गई। गुरुग्राम नगर निगम के योजनाकार के सुझावों को शामिल करते हुए यूनीटेक साइबर पार्क और सेक्टर 45 स्टेशनों का खाका तैयार हो चुका है। अब जीएमडीए, नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से अंतिम सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद निर्माण योजना को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।

यात्रियों और शहर पर प्रभाव

इस बहुआयामी कनेक्टिविटी से आईटी सेक्टर और कॉरपोरेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। स्काईवॉक बनने से पैदल यात्रियों को मुख्य सड़कों के भारी ट्रैफिक से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वहीं, बस और ऑटो के लिए अलग लेन बनने से स्टेशनों के बाहर लगने वाला अनियंत्रित जाम समाप्त होगा, जिससे पूरे इलाके में यातायात सुगम हो सकेगा।

कौन से पहलू अभी प्रक्रिया में हैं

प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और हाईटेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की समयसीमा अभी तय की जानी बाकी है। इसके अलावा, तीनों विभागों (जीएमडीए, नगर निगम, एचएसवीपी) से मिलने वाले सुझावों के बाद ही अंतिम टेंडर और निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी क्या है?
यह एक ऐसा एकीकृत ढांचा है जहां मेट्रो, बस, ऑटो और पैदल चलने के रास्ते एक ही जगह आपस में जुड़े होते हैं।

गुरुग्राम में किन मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल बनाया जा रहा है?

सेक्टर 45, यूनीटेक साइबर पार्क और सेक्टर 72-A मेट्रो स्टेशनों को मल्टी मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

क्या स्काईवॉक से दफ्तरों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी?

हां, इन स्टेशनों से आसपास के कॉरपोरेट परिसरों और बहुमंजिला इमारतों तक सीधे स्काईवॉक बनाए जाएंगे।

दिल्ली मेट्रो और गुरुग्राम मेट्रो का इंटरचेंज कहां बनेगा?

मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन के पास गुरुग्राम मेट्रो को दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से जोड़ने के लिए इंटरचेंज बनाया जा रहा है।

इस योजना से सड़क यातायात पर क्या असर पड़ेगा?

स्टेशनों पर अलग बस बे और ऑटो पिक एंड ड्रॉप पॉइंट बनने से सड़कों पर गाड़ियों का जमावड़ा और ट्रैफिक जाम कम होगा।

प्रोजेक्ट की योजना को कौन सी एजेंसी अंतिम रूप दे रही है?

जीएमडीए (GMDA), जीएमआरएल (GMRL), नगर निगम और एचएसवीपी मिलकर इस योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं।

Jody Nageeb profile photo

लेखक

Jody Nageeb

वरिष्ठ संपादक

व्यापार, खेल और परिवहन रुझानों के विशेषज्ञ।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

हमारी कार्यप्रणाली के बारे में जानें
व्यवसायवित्तखेलऑटोमोटिव

📚संसाधन

इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।