बांदा: क्यों भड़की महिलाएं? राशन कार्ड विवाद में आपूर्ति अधिकारी का कॉलर पकड़ दफ्तर से घसीटा

बांदा में राशन कार्ड कटने और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बुर्का पहने महिलाओं ने आपूर्ति निरीक्षक के साथ अभद्रता की और उन्हें दफ्तर से बाहर घसीटा, जिसका वीडियो वायरल हो गया है।

बांदा राशन कार्ड विवाद: महिलाओं ने अधिकारी को दफ्तर से घसीटा
Last UpdateApr 27, 2026, 3:31:04 PM
ago
📢Advertisement
बांदा में राशन कार्ड को लेकर भारी बवाल, महिलाओं ने अधिकारी का कॉलर पकड़कर दफ्तर से घसीटाउत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा और जनता के आक्रोश के बीच की बारीक लकीर को मिटा दिया है। राशन कार्ड कटने और कथित भ्रष्टाचार से परेशान महिलाओं का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने एक सरकारी अधिकारी के साथ सरेआम अभद्रता की। यह मामला न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि गरीब तबके के उस संघर्ष को भी बयां करता है जो एक वक्त की रोटी के लिए उन्हें सरकारी चौखटों पर करना पड़ता है।बांदा में राशन कार्ड विवाद के दौरान आपूर्ति कार्यालय में भारी हंगामा।सुर्खियों के पीछे की असलियतबांदा जिले के नरैनी तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय में हुए इस हंगामे की जड़ें काफी गहरी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से बिना किसी ठोस कारण के पात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड काटे जा रहे हैं। जब गरीब महिलाएं इसकी शिकायत लेकर दफ्तर पहुंचती हैं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता है या फिर कथित तौर पर अवैध वसूली की मांग की जाती है।यह कोई पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में राशन वितरण प्रणाली पर सवाल उठे हों। लेकिन इस बार, धैर्य का बांध टूट गया। 'खाली पेट की आग जब दफ्तरों तक पहुँचती है, तो कानून का डर पीछे छूट जाता है', यह कहावत यहाँ चरितार्थ होती दिखी। महिलाओं का आरोप है कि उनसे नए कार्ड बनवाने के नाम पर पैसों की मांग की गई, जबकि उनके पास पहले से ही वैध दस्तावेज मौजूद थे।आखिर उस दिन क्या हुआ?घटनाक्रम के अनुसार, बुर्का पहने महिलाओं का एक बड़ा समूह नरैनी स्थित आपूर्ति कार्यालय पहुंचा था। वहां मौजूद क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) से जब महिलाओं ने कार्ड कटने की वजह पूछी, तो बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने आपा खो दिया और अधिकारी का कॉलर पकड़कर उन्हें कुर्सी से खींच लिया।नाराज महिलाओं ने आपूर्ति अधिकारी को उनके कमरे से बाहर घसीटा।वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन गुस्सा इतना तीव्र था कि किसी की एक न चली। महिलाओं ने अधिकारी को कमरे से बाहर बरामदे तक घसीटा और जमकर नारेबाजी की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिसने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।आवाज़ें और प्रतिक्रियाएंइस घटना ने जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं भ्रष्टाचार के आरोपों को भी हवा दी है। अधिकारियों का पक्ष है कि सरकारी काम में बाधा डाली गई है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी ने ही जनता को कानून हाथ में लेने पर मजबूर किया है।अधिकारी हमसे सीधे मुंह बात नहीं करते। जब राशन कार्ड के बारे में पूछो तो पैसे मांगते हैं। हम गरीब लोग कहां से लाएं इतने पैसे?— एक पीड़ित महिला, स्थानीय निवासीबड़ी तस्वीर और प्रभावबांदा की यह घटना केवल एक दफ्तर का विवाद नहीं है। यह सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं को उजागर करती है। अगर पात्र लोगों के कार्ड इसी तरह कटते रहे, तो जमीनी स्तर पर असंतोष और बढ़ेगा। इसके आर्थिक प्रभाव भी गंभीर हैं, क्योंकि राशन पर निर्भर परिवारों के लिए कार्ड कटना उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हिंसक विरोध प्रदर्शन प्रशासनिक कामकाज को ठप कर सकते हैं, जिससे अंततः जनता का ही नुकसान होता है। हालांकि, अवैध वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच होना भी अनिवार्य है ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनी रहे।आगे की राहजिला प्रशासन ने अब इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने भी अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाता है या फिर यह मामला सिर्फ कानूनी दांव-पेंच में उलझकर रह जाता है।अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)बांदा के आपूर्ति कार्यालय में महिलाओं ने हंगामा क्यों किया?महिलाओं का आरोप है कि उनके राशन कार्ड बिना वजह काट दिए गए और नए कार्ड के बदले पैसों की मांग की गई।क्या इस घटना में किसी को चोट आई है?अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता हुई है, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।क्या पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी की है?अभी तक पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू की है और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।राशन कार्ड कटने पर शिकायत कहां करें?लाभार्थी तहसील स्तर पर आपूर्ति कार्यालय या उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।अवैध वसूली के आरोपों पर विभाग का क्या कहना है?विभागीय अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि कार्ड नियमों के तहत ही काटे या जोड़े जाते हैं।
Ahmed Sezer profile photo

लेखक

अहमद सेज़र

वरिष्ठ संपादक

राजनीति, सरकार और सामान्य जनहित के विषयों में विशेषज्ञ।

राजनीतिसार्वजनिक नीतिसामान्य ट्रेंड

📚संसाधन

इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।