आज का पंचांग: चैत्र त्रयोदशी पर महावीर जयंती और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग

31 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर महावीर जयंती और सोम प्रदोष व्रत का खास संयोग बना है। जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहु काल और पूजा का समय।

आज का पंचांग 31 मार्च 2026: शुभ मुहूर्त और राहु काल का समय
Last UpdateMar 31, 2026, 1:04:12 PM
ago
📢Advertisement

आज का पंचांग: चैत्र त्रयोदशी पर महावीर जयंती और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

भारत में सनातन धर्म को मानने वालों के लिए आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिसमें जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती और महादेव की कृपा बरसाने वाला प्रदोष व्रत एक साथ मिल रहे हैं। ऐसे पावन मौकों पर शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है ताकि आपकी पूजा और अनुष्ठान सफल हो सकें।

आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त
आज का पंचांग धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी है।

पंचांग का महत्व और आज की महिमा

हिंदू धर्म में पंचांग केवल तिथि बताने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की दिशा तय करता है। 'जैसा खाओ अन्न, वैसा बनेगा मन' की तर्ज पर ही जैसा मुहूर्त होगा, वैसा ही कर्म का फल मिलेगा। आज त्रयोदशी तिथि है, जिसे 'अनंग त्रयोदशी' भी कहा जाता है। आज का दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो अपने दांपत्य जीवन में खुशहाली चाहते हैं या महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।

देशभर के शिवालयों में, विशेष रूप से बासुकीनाथ और अन्य प्रमुख मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। लोग सोम प्रदोष के इस विशेष अवसर पर रुद्राभिषेक करवा रहे हैं। जब प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ता है, तो उसे 'सोम प्रदोष' कहा जाता है, जो स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

आज के मुख्य मुहूर्त और ग्रहों की चाल

आज मंगलवार का दिन है, इसलिए हनुमान जी की पूजा का भी विशेष विधान है। अगर आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त का समय नोट कर लें। यह वह समय है जब आप बिना किसी हिचक के शुभ कार्य कर सकते हैं।

आज की तिथि और नक्षत्र
आज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर कई ग्रहों का शुभ योग बन रहा है।

आज का पंचांग कहता है कि चंद्रमा कन्या राशि में संचरण कर रहे हैं, जो बुद्धि और व्यापार के लिए अच्छा संकेत है। लेकिन याद रखें, राहु काल के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें या यात्रा की शुरुआत न करें। राहु काल को ज्योतिष में विघ्न डालने वाला समय माना जाता है।

सोम प्रदोष व्रत और महावीर जयंती का एक ही दिन आना अहिंसा और भक्ति के संगम को दर्शाता है। यह दिन आत्म-शुद्धि के लिए सबसे उपयुक्त है।

पंडित राजेश शर्मा, ज्योतिषाचार्य

स्थानीय प्रभाव और सामाजिक उत्साह

राजस्थान के पाली से लेकर झारखंड के दुमका तक, आज मंदिरों में अलग ही रौनक है। बासुकीनाथ धाम में हजारों की भीड़ उमड़ी है, जहाँ श्रद्धालु रुद्राभिषेक कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि आज के दिन किया गया दान और तप 10 गुना अधिक फल देता है। महावीर जयंती के उपलक्ष्य में जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं, जो समाज को 'जियो और जीने दो' का संदेश दे रही हैं।

शिव पूजा और प्रदोष व्रत
सोम प्रदोष पर भगवान शिव की आराधना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

आगे का मार्ग और आगामी पर्व

आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। इस त्रयोदशी के समापन के साथ ही हम चैत्र पूर्णिमा की ओर बढ़ रहे हैं। जो लोग आज उपवास रख रहे हैं, वे शाम के समय भगवान शिव की आरती के बाद ही अपना व्रत खोलें। आने वाले दिनों में हनुमान जयंती की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी, जिससे भक्ति का यह माहौल आगे भी बना रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • आज का सबसे शुभ मुहूर्त कौन सा है? आज अभिजीत मुहूर्त सबसे शुभ है, जो दोपहर के समय रहता है। मांगलिक कार्यों के लिए यह श्रेष्ठ है।
  • महावीर जयंती पर क्या विशेष है? आज जैन धर्म के अनुयायी भगवान महावीर के सिद्धांतों का स्मरण करते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है।
  • सोम प्रदोष व्रत का फल क्या है? इस व्रत को रखने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
  • राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए? राहु काल में नया व्यापार शुरू करना, खरीदारी करना या लंबी यात्रा पर निकलना वर्जित माना जाता है।
  • आज कौन से नक्षत्र का प्रभाव रहेगा? आज के पंचांग के अनुसार नक्षत्र और तिथि का मेल 'रवि योग' बना रहा है, जो सफलता के लिए शुभ है।
Ahmed Sezer profile photo

लेखक

Ahmed Sezer

वरिष्ठ संपादक

राजनीति, सरकार और सामान्य जनहित के विषयों में विशेषज्ञ।

राजनीतिसार्वजनिक नीतिसामान्य ट्रेंड

📚संसाधन

इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।