मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: अगले 12 घंटे में देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफान की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण देश के 22 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

IMD Weather Update: 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
अंतिम अपडेटJul 16, 2026, 11:25:52 AM
2 घंटे पहले
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देश के कई हिस्सों में मानसून की सुस्त पड़ती रफ्तार के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बेहद महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर में एक संभावित निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से अगले 12 से 60 घंटे के भीतर देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नए सिस्टम की वजह से कुल 22 राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, वज्रपात और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में इसका सबसे तीव्र असर दिखने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी
देश के 22 राज्यों में भारी बारिश का संकट — Navbharat Times

मुख्य घटनाक्रम और मुख्य आंकड़े

  • 22 राज्यों में अलर्ट: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत 22 राज्यों में 15 से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी है।
  • तेज हवाओं की रफ्तार: प्रयागराज और मध्य प्रदेश के कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।
  • दिल्ली-NCR में उमस का कहर: दिल्ली में महसूस होने वाला तापमान (फील लाइक) 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, हालांकि यहां 18-19 जुलाई से पहले बड़ी बारिश के आसार नहीं हैं।
  • पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा के चलते पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और फ्लैश फ्लड को लेकर चेतावनी दी गई है।

मौसम तंत्र का क्षेत्रीय विश्लेषण

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना और बक्सर से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र तक पहुंच रही है। इस मौसमी तंत्र की वजह से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, लखनऊ और कानपुर जैसे जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का दोहरा अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, बिहार के सीमांचल क्षेत्र यानी अररिया और किशनगंज में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। समस्तीपुर, वैशाली और दरभंगा जैसे मध्य बिहार के जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

मध्य प्रदेश में भी मौसम की दो अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। जहां इंदौर, उज्जैन, धार और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, वहीं राजधानी भोपाल और जबलपुर समेत पश्चिमी हिस्सों में आसमान साफ रहने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में अगले 48 से 60 घंटे बेहद संवेदनशील बताए गए हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से पूरी तरह बचें।

दिल्ली में छाया उमस का प्रकोप
दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कमी के कारण बढ़ी उमस — AajTak

क्या है इस मौसमी बदलाव की वजह?

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव का क्षेत्र इस पूरे बदलाव की मुख्य वजह है। जब भी बंगाल की खाड़ी में इस तरह की मौसमी प्रणाली मजबूत होती है, तो यह मैदानी और पहाड़ी इलाकों की तरफ नमी से भरी हवाओं को तेजी से खींचती है। झारखंड के जामताड़ा और संताल परगना में भी इसी वजह से 15 से 17 जुलाई के बीच अच्छी बारिश की उम्मीद है, जिससे किसानों को धान की रोपनी में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी भारत जैसे राजस्थान और पंजाब में अभी यह मानसूनी हवाएं उतनी सक्रिय नहीं हैं, जिसके कारण वहां केवल धूल भरी आंधी और छिटपुट वर्षा की ही संभावना बनी हुई है।

आने वाले दिनों के लिए संभावित घटनाक्रम

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जुलाई के बाद मॉनसून ट्रफ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसक सकती है। यदि ऐसा होता है, तो उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के सूखे व उमस झेल रहे इलाकों में मानसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद 19 जुलाई से है, जब एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक दे सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मौसम विभाग ने देश के 22 राज्यों के लिए अलर्ट क्यों जारी किया है?

उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया संभावित निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिससे मानसून की रफ्तार अचानक बढ़ेगी और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में मौसम बिगड़ेगा।

क्या दिल्ली-एनसीआर में अगले दो-तीन दिनों में भारी बारिश होगी?

नहीं, दिल्ली-एनसीआर में अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश के आसार नहीं हैं। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे लेकिन लोगों को केवल उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों के लिए क्या सलाह है?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की गंभीर चेतावनी है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें।

इस मौसमी बदलाव से किसानों को क्या फायदा या नुकसान होगा?

झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में इस बारिश से धान की रोपनी तेज होगी, जिससे फसलों को फायदा मिलेगा। हालांकि, तेज आंधी वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था रखना जरूरी है।

दिल्ली में उमस भरी गर्मी से कब तक राहत मिलने की उम्मीद है?

मौसम विभाग के अनुसार, 19 जुलाई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट आ सकती है और गर्मी से राहत मिल सकती है।

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लेखक

Sandy Nageeb

वरिष्ठ संपादक

प्रौद्योगिकी, विज्ञान और स्वास्थ्य को कवर करने वाले अनुभवी लेखक और संपादक।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

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