नीट री-परीक्षा से पहले सुरक्षा घेरा कसा, छात्रों को 15 मिनट की राहत
जून की दोपहर में परीक्षा केंद्रों के बाहर इस बार सिर्फ कतारें नहीं दिखेंगी, तलाशी, निगरानी और सख्त समय-सारिणी भी उतनी ही प्रमुख होगी। 3 मई की परीक्षा कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई थी, और अब नीट-यूजी की पुनः परीक्षा 21 जून को होगी। एनटीए ने परीक्षा अवधि बढ़ाकर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक कर दी है, ताकि बायोमेट्रिक सत्यापन और उपस्थिति जैसी औपचारिकताओं में छात्रों का उत्तर लिखने का समय न कटे। कई जिलों में प्रशासन ने मोबाइल, स्मार्ट वॉच, बेल्ट, टोपी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर साफ रोक के साथ केंद्रों की तैयारी तेज कर दी है।

घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा
नीट-यूजी की 3 मई को हुई परीक्षा कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को रद्द कर दी थी। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। सरकार की समीक्षा बैठक में साफ कहा गया कि परीक्षा की निष्पक्षता या संचालन में बाधा डालने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होगी।
एनटीए ने छात्रों के लिए एक व्यावहारिक बदलाव किया है। अब परीक्षा 195 मिनट की होगी, यानी कुल 3 घंटे 15 मिनट। यह अतिरिक्त 15 मिनट परीक्षा शुरू होने से पहले की औपचारिकताओं, जैसे अटेंडेंस शीट पर साइन, बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा प्रक्रिया के लिए रखा गया है।
रफ वर्क की जगह भी बढ़ाई गई है। पहले प्रश्न पत्र बुकलेट में 2 पेज मिलते थे, अब 4 रफ वर्क पेज दिए जाएंगे। दो पेज शुरुआत में और दो अंत में होंगे, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार गणना कर सकें।
स्थानीय प्रशासन भी अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है। रेवाड़ी में 12 केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि 3 मई की परीक्षा में 3788 परीक्षार्थियों के लिए 11 केंद्र थे। सोनीपत में 8 केंद्रों पर 2569 परीक्षार्थी शामिल होंगे और प्रवेश की अंतिम अनुमति दोपहर 1:30 बजे तक होगी।
अहम बातें
इस पुनः परीक्षा की असली चुनौती सिर्फ पेपर कराना नहीं, भरोसा बहाल करना है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा कक्ष से बहुत पहले शुरू हो रही है। गृह मंत्रालय ने प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ और सीआईएसएफ की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

रेवाड़ी प्रशासन ने मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर और पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक लगाई है। ज्योमेट्री बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, राइटिंग पैड, स्केल, इरेजर, वॉलेट, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी और धातु के आभूषण भी अंदर नहीं ले जाए जा सकेंगे। यह सूची लंबी है, लेकिन उसका मकसद साफ है: किसी भी तरह की बाहरी मदद या संदेह की गुंजाइश कम करना।
सोनीपत में हर केंद्र पर सिविल और पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी तैनात होंगे। स्ट्रॉन्ग रूम में कैमरे और पुलिस बल रखने के निर्देश दिए गए हैं। 20 जून को मॉक ड्रिल कर सीसीटीवी कैमरे और जैमर की स्थिति जांची जाएगी।
मध्य प्रदेश में 30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रों के आसपास यातायात, पेयजल और अफवाहों पर सोशल मीडिया निगरानी के निर्देश दिए हैं।
प्रतिक्रियाएं और जवाब
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भोपाल में छात्रों से पढ़ाई पर ध्यान रखने की अपील की। उनका संदेश उन अभ्यर्थियों के लिए है जिनकी तैयारी रद्द परीक्षा के बाद मानसिक दबाव में आ गई थी।
नीट परीक्षा 21 जून को फिर से होगी। आप सभी के माध्यम से मैं सभी नीट अभ्यर्थियों से अपील करता हूं कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें और पढ़ाई पर ध्यान दें। पुनः परीक्षा निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित की जाएगी।
कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने भी समीक्षा बैठक में समन्वय पर जोर दिया। उनका बयान परीक्षा व्यवस्था से जुड़े केंद्र, राज्य और जिला प्रशासन के साझा काम को रेखांकित करता है।
केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन मिलकर NEET री-एग्जाम के सफल आयोजन के लिए काम कर रहे हैं. जो भी व्यक्ति परीक्षा की निष्पक्षता या संचालन में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि, कुछ आवाजें एनटीए के बदलावों को पर्याप्त नहीं मान रहीं। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने रफ पेज बढ़ाने और समय दोहराने वाले नोटिफिकेशन पर सवाल उठाया है। उनके मुताबिक गंभीर विवाद के बीच छात्रों और अभिभावकों को मूल सवालों पर स्पष्टता चाहिए।
व्यापक असर
भारत में नीट लाखों छात्रों के मेडिकल करियर का दरवाजा है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा में लगभग 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में एक छोटी प्रशासनिक चूक भी कई परिवारों की तैयारी, यात्रा और मानसिक स्थिति पर असर डालती है।

चाईबासा में 2 केंद्रों पर 960 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। जिला प्रशासन ने पेयजल, स्वास्थ्य सहायता, बिजली और स्वच्छता की व्यवस्था पर निर्देश दिए हैं। पुलिस ने परीक्षा अवधि में ट्रैफिक प्रबंधन और केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने की बात कही है।
सोनीपत की गाइडलाइन छात्रों के लिए सीधी सीख देती है: हॉफ बाजू के कपड़े, खुली चप्पलें या कम हील वाले जूते, एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले उम्मीदवारों को केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचने को कहा गया है।
यह पूरी व्यवस्था बताती है कि परीक्षा अब सिर्फ शैक्षणिक आयोजन नहीं रही। यह भरोसे, सुरक्षा और प्रशासनिक क्षमता की परीक्षा भी बन गई है।
अब आगे क्या होगा
एडमिट कार्ड डाउनलोड के लिए उम्मीदवारों को एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी होगी। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जा सकते हैं।
21 जून को परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। केंद्र पर पहुंचने का समय जिला निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए छात्रों को अपने एडमिट कार्ड और सूचना बुलेटिन में दिए नियम ध्यान से पढ़ने होंगे।
सबसे जरूरी बात: प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची को हल्के में न लें। एक मोबाइल, स्मार्ट वॉच या बेल्ट भी केंद्र के गेट पर परेशानी खड़ी कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नीट यूजी री-परीक्षा कब होगी?
नीट-यूजी की पुनः परीक्षा 21 जून को होगी। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक तय किया गया है।
नीट री-परीक्षा में कितना अतिरिक्त समय मिलेगा?
छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त मिलेंगे। कुल अवधि 195 मिनट होगी, जिसमें अटेंडेंस, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं शामिल हैं।
नीट परीक्षा केंद्र में कौन सी चीजें नहीं ले जा सकते?
मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी और धातु के आभूषण जैसी चीजों पर रोक है।
नीट यूजी एडमिट कार्ड कहां से डाउनलोड होगा?
उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह 14 जून तक जारी हो सकता है।
रफ वर्क के लिए कितने पेज मिलेंगे?
प्रश्न पत्र बुकलेट में 4 रफ वर्क पेज मिलेंगे। पहले 2 पेज होते थे, अब 2 शुरुआत में और 2 अंत में दिए जाएंगे।
संसाधन
इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।
