[26] मेधावियों को स्वर्ण पदक: काशी विद्यापीठ दीक्षांत समारोह में बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 63,183 विद्यार्थियों को उपाधियां दीं और डिजिलॉकर व्यवस्था का शुभारंभ किया।

काशी विद्यापीठ दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए पदक
📢विज्ञापन

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को बांटे 43 स्वर्ण पदक

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस भव्य आयोजन में 63,183 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने युवाओं को चरित्र निर्माण, जल संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

आनंदीबेन पटेल दीक्षांत समारोह
काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह को संबोधित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल — Navbharat Times

दीक्षांत समारोह में क्या हुआ खास

समारोह के दौरान 26 मेधावी विद्यार्थियों को मंच से कुल 43 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें 20 छात्राएं और 6 छात्र शामिल थे। बालिका सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए कुल पदक विजेताओं में 73 प्रतिशत बेटियां रहीं। इसके अलावा, दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों सुमित कुमार भारती और अंजलि कुमारी को भी स्वर्ण पदक से नवाजा गया। तेलंगाना के श्रीदेवी हैंडलूम के संस्थापक वाई. श्रीधर राव को सामाजिक सेवा के लिए मानद डी.लिट. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

डिजिटल पहल और कागजरहित प्रक्रिया पर जोर

समारोह में राज्यपाल ने एक सिंगल क्लिक के जरिए 63,060 डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड कीं। यह पूरी प्रक्रिया महज 25 सेकंड में संपन्न हो गई।

दीक्षांत समारोह का जायजा
गंगापुर परिसर की सुविधाओं का निरीक्षण करतीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी — Dainik Bhaskar
राज्यपाल ने घोषणा की कि अगले साल से विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी के लिए कोई डिग्री शुल्क नहीं देना होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।

युवाओं को दिया मार्गदर्शन और राष्ट्र निर्माण का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से तकनीक का केवल उपयोगकर्ता बनने के बजाय सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई मातृभाषा में कराने की आवश्यकता पर बल दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे संस्कारों के अनुरूप नहीं हैं और युवाओं को किसी झूठे लालच में आए बिना देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
दीक्षांत समारोह के मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथि — Jagran

क्या हैं विश्वविद्यालय की नई पहलें

कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और अवसंरचनात्मक उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। संस्थान में एमए इन हिंदू स्टडीज और एप्लाइड एआई जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। साथ ही, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के लिए मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। पर्यावरण संरक्षण के तहत परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित किया गया है।

आगे क्या होगा

दीक्षांत समारोह के बाद उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने गंगापुर परिसर का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक सुविधाओं, पुस्तकालय और कक्षाओं का जायजा लिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन अब डिजिलॉकर व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने और नई शिक्षा नीति के तहत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि कौन थे?

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कैप्टन बी.के. त्यागी समारोह के मुख्य अतिथि थे।कितने विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए?

मंच से 26 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 43 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 20 छात्राएं और 6 छात्र शामिल हैं।समारोह में कितने विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं?

कुल 63,183 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर की उपाधियां प्रदान की गईं।

Jody Nageeb profile photo

लेखक

Jody Nageeb

वरिष्ठ संपादक

व्यापार, खेल और परिवहन रुझानों के विशेषज्ञ।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

हमारी कार्यप्रणाली के बारे में जानें
व्यवसायवित्तखेलऑटोमोटिव

📚संसाधन

इस लेख में उद्धृत स्रोत और संदर्भ।