विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 देवघर में शुरू: 40 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद, AI से होगी निगरानी
विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ बुधवार को बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित देवघर के दुम्मा प्रवेश द्वार से हो गया है। गुरुवार 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास के दौरान करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने कांवरियों की सुविधा तथा सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

क्यों ट्रेंड हो रहा है श्रावणी मेला 2026
हर साल सावन महीने में लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं। इस साल मेले की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी Artificial Intelligence (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से देशभर में इसकी चर्चा हो रही है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के रेट फिक्स करने और नए नियमों को लेकर भी श्रद्धालु जानकारी हासिल कर रहे हैं।
क्या-क्या हुए नए बदलाव और प्रशासनिक इंतजाम
देवघर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। इस बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज को शुरू किया गया है, जो पुराने पुल के समानांतर चलेगा। इसके अलावा शीघ्रदर्शनम कूपन के लिए अलग ब्रिज बनाया गया है, जिससे सामान्य कतार और शीघ्रदर्शनम वाले श्रद्धालुओं में धक्का-मुक्की न हो। हालांकि, शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क ₹300 से बढ़ाकर ₹600 कर दिया गया है।

क्यू कॉम्प्लेक्स में पहली बार पूरी तरह निःशुल्क 'अमानती सामान घर' (क्लॉक रूम) शुरू किया गया है, जहां भक्त अपना मोबाइल और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस छावनी में तब्दील कर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
स्पर्श पूजा पर रोक और भोजन के दर निर्धारित
गुरु पूर्णिमा के बाद अब सावन महीने के दौरान मंदिर में स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी। श्रद्धालुओं को अर्घा के माध्यम से ही बाबा बैद्यनाथ पर जल अर्पित करना होगा। पुरोहितों के अनुसार अर्घा से जलार्पण या पंचशूल का दर्शन करना भी उतना ही पुण्यदायी है।

श्रद्धालुओं की जेब कटने से बचाने के लिए देवघर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर भोजन की नई दरें तय कर दी गई हैं। सभी होटलों को बाहर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा।
- आलू परवल स्पेशल: ₹90 प्रति प्लेट
- मारवाड़ी बासा भरपेट भोजन: ₹90 प्रति प्लेट
- मटर पनीर स्पेशल: ₹180 प्रति प्लेट
- पालक पनीर स्पेशल: ₹160 प्रति प्लेट
- साधारण रोटी: ₹7 प्रति पीस (घी लगी ₹12)
- सत्तू पराठा: ₹40 प्रति पीस
आगे क्या होगा
आगामी एक महीने तक देवघर नगरी में शिवभक्तों का तांता लगा रहेगा। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने प्लास्टिक मुक्त मेला परिसर का आह्वान किया है और पूजा सामग्री के लिए सखुआ के पत्तों के दोने तथा मिट्टी के बर्तनों के उपयोग पर जोर दिया है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए शिवगंगा पर NDRF की टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
श्रावणी मेला 2026 में क्या स्पर्श पूजा उपलब्ध है?
नहीं, सावन शुरू होते ही भीड़ को देखते हुए स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद कर दी गई है। श्रद्धालुओं को अर्घा के जरिए जल चढ़ाना होगा।
देवघर में शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत कितनी है?
श्रावणी मेला 2026 के लिए शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क बढ़ाकर ₹600 कर दिया गया है।
क्या देवघर मंदिर में सामान रखने की व्यवस्था है?
हां, क्यू कॉम्प्लेक्स में निःशुल्क 'अमानती सामान घर' बनाया गया है जहां श्रद्धालु अपना बैग, मोबाइल और पर्स सुरक्षित रख सकते हैं।
संसाधन
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