भारत के विभिन्न राज्यों में 13 मार्च 2026 को एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत देखी गई, जिसके कारण गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गई हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंकाओं के बीच आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे घरेलू और कमर्शियल दोनों क्षेत्रों में हाहाकार मचा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक प्रबंधों और कालाबाजारी रोकने के प्रयासों में जुटे हैं।
मुख्य बिंदु (TL;DR)
- देशव्यापी एलपीजी संकट के कारण गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ और डिलीवरी में देरी हो रही है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की वजह से भारत में गैस आपूर्ति बाधित हुई है।
- कमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटलों के मेन्यू बदल गए हैं और लोग कोयले की भट्टियों पर लौट रहे हैं।
- इंडक्शन कुकटॉप की मांग में भारी उछाल आया है, जिससे कई शहरों में यह 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गया है।
क्या हुआ
भारत में एलपीजी आपूर्ति में अचानक आई कमी ने पूरे देश को प्रभावित किया है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में 10 से 15 दिनों की देरी हो रही है। इस किल्लत का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग में आई बाधा को बताया जा रहा है, जहाँ से भारत अपनी जरूरत का अधिकांश एलपीजी आयात करता है।
हापुड़ और पटना जैसे शहरों में गैस की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई गैस एजेंसी मालिकों को गिरफ्तार किया है। मुंबई और अन्य बड़े महानगरों में लोग सुबह 4 बजे से ही सिलेंडर के लिए लाइनों में लग रहे हैं। आपूर्ति में इस कमी ने न केवल घरों के चूल्हों को प्रभावित किया है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को भी संकट में डाल दिया है।
प्रमुख घटनाक्रम
गाजियाबाद और आगरा जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू से छोले-भटूरे और अन्य तली हुई डिशेज हटा दी हैं और अब केवल दाल-नान जैसे विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बुरहानपुर में कमर्शियल गैस की कमी के चलते कारीगर बरसों पुरानी कोयले और लकड़ी की भट्टियों को दोबारा चालू करने पर मजबूर हो गए हैं।
इस संकट के बीच इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में 300% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। आगरा जैसे शहरों में ऑफलाइन दुकानों पर स्टॉक खत्म हो गया है और ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर भी डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे सिलेंडर बुक करने के लिए UMANG ऐप या PhonePe और Google Pay जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें ताकि बुकिंग ट्रैक की जा सके।
होटल और पर्यटन उद्योग को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों। हम आपूर्ति श्रृंखला को बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क में हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा की संवेदनशीलता को दर्शाता है। एलपीजी की कमी से सीधे तौर पर खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है क्योंकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें काले बाजार में 2500 रुपये के पार पहुंच गई हैं। स्मार्ट कुकिंग और गैस बचाने के तरीकों को अपनाकर महिलाएं 30 प्रतिशत तक एलपीजी की बचत करने की कोशिश कर रही हैं।
आगे क्या होगा
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने होटल और पर्यटन उद्योग को राहत देने के लिए विशेष आपूर्ति कोटा का ऐलान किया है। आने वाले सप्ताह में अन्य देशों से वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों के जरिए एलपीजी के जहाज भारत पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भारत में एलपीजी संकट का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना है, जिससे पश्चिम एशिया से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित हो गई है। 13 मार्च 2026 तक इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में किल्लत पैदा हो गई है।
क्या ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक करना अभी भी संभव है?
हाँ, उपभोक्ता उमंग (UMANG) ऐप, PhonePe, और Google Pay के माध्यम से सिलेंडर बुक कर सकते हैं, हालांकि डिलीवरी में 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है।
गैस की कमी का रेस्टोरेंट्स पर क्या असर पड़ा है?
गाजियाबाद और बुरहानपुर जैसे शहरों में कमर्शियल गैस न मिलने से कई रेस्टोरेंट्स ने कोयले की भट्टियों का उपयोग शुरू कर दिया है और अपने मेन्यू में बदलाव किया है।
क्या सरकार ने इस संकट को दूर करने के लिए कोई कदम उठाए हैं?
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने होटल और पर्यटन क्षेत्र के लिए आपूर्ति में राहत की घोषणा की है और कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस छापे मारे जा रहे हैं।
क्या इंडक्शन चूल्हे बाजार में उपलब्ध हैं?
भारी मांग के कारण आगरा सहित कई शहरों में इंडक्शन कुकटॉप आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं और इनकी बिक्री में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।