अंतिम अद्यतन: 24 जुलाई 2026
बेगूसराय प्रदर्शन के बाद: 30 तस्वीरें जारी, चार गिरफ्तार
बेगूसराय में छात्र आंदोलन खत्म होने की घोषणा के कुछ ही देर बाद हालात हिंसक हो गए और अब पुलिस ने वीडियो तथा सीसीटीवी फुटेज से पहचाने गए 30 लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में 23 जुलाई को निकला मार्च जीडी कॉलेज से डीएम कार्यालय तक पहुंचा था। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पथराव हुआ, पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए तथा पुलिस वाहन के शीशे टूटे। इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है।

लोग क्या खोज रहे हैं
बेगूसराय को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक कैसे हुआ और पुलिस किन लोगों की तलाश कर रही है। आजतक की प्रकाशित जानकारी के अनुसार, एआईएसएफ और आइसा के नेतृत्व में निकले मार्च के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन दिया और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा भी हुई। इसके बाद भीड़ में शामिल कुछ लोगों पर पुलिस की ओर पत्थर फेंकने का आरोप लगा।
मामला केवल बेगूसराय तक सीमित नहीं रहा। मुजफ्फरपुर, कटिहार, दरभंगा, जहानाबाद और पटना से भी हिंसा, पथराव, तोड़फोड़ या पुलिस कार्रवाई की खबरें आईं। इन घटनाओं का आधार नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग और दिल्ली तथा पटना में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध बताया गया है।
क्या पुष्टि हुई है
बेगूसराय में पुलिस ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच के बाद 30 चेहरों की तस्वीरें जारी की हैं। आजतक की रिपोर्ट में मोहम्मद सनाउल्लाह, मोहम्मद शाहनवाज, अभिषेक कुमार और प्रशांत कुमार समेत चार लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, पथराव में सदर एसडीएम समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए।

मुजफ्फरपुर में पुलिस ने आठ संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं और पहचान बताने वाले के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है। प्रकाशित पुलिस अपील में नियंत्रण कक्ष का नंबर 9431896700 दिया गया है।
कटिहार में समाहरणालय गेट के पास पथराव के बाद पुलिस ने 72 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं। पुलिस के अनुसार पहचान के लिए सीसीटीवी, वीडियो और सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध फुटेज का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- सीसीटीवी
- निगरानी कैमरों से रिकॉर्ड किए गए दृश्य, जिनका इस्तेमाल घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान में किया जा रहा है।
- प्राथमिकी
- किसी कथित अपराध के संबंध में पुलिस द्वारा दर्ज की जाने वाली प्रारंभिक औपचारिक रिपोर्ट।
क्या अभी स्पष्ट नहीं है
कटिहार में गिरफ्तारियों की संख्या को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर है। दैनिक भास्कर और ईटीवी भारत की खबरों में 14 गिरफ्तारियां बताई गई हैं, जबकि प्रभात खबर ने 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना दी है। उपलब्ध सामग्री में इस अंतर का कारण नहीं बताया गया है, इसलिए किसी एक संख्या को अंतिम आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।

बेगूसराय में भी यह स्पष्ट नहीं है कि पत्थरबाजी शुरू करने वाले सभी लोग मूल छात्र प्रदर्शन का हिस्सा थे या बाद में भीड़ में शामिल हुए थे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने दावा किया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद असामाजिक तत्व भीड़ में घुसे और उन्होंने पत्थरबाजी की। यह दावा पुलिस जांच से अंतिम रूप से स्थापित हुआ है, ऐसी पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
पूरे घटनाक्रम का बड़ा संदर्भ
इन प्रदर्शनों की जड़ परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के गुस्से में है। मुजफ्फरपुर के प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग भी सामने आई।
लेकिन कई जिलों में हिंसा होने के बाद मुद्दा केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। अब पुलिस की कार्रवाई, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान और शांतिपूर्ण प्रदर्शन तथा आपराधिक कृत्य के बीच अंतर तय करना भी केंद्रीय सवाल बन गया है। मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को चेतावनी दी कि हिंसक गतिविधियों से जुड़ी प्राथमिकी भविष्य की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरी पर असर डाल सकती है।
ताजा स्थिति क्या है
24 जुलाई तक बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और कटिहार समेत कई जिलों में पुलिस वीडियो, सीसीटीवी और सामाजिक माध्यमों की सामग्री के आधार पर पहचान कर रही है। बेगूसराय में 30 तस्वीरें जारी होने और चार गिरफ्तारियों की सूचना है। मुजफ्फरपुर में आठ तस्वीरें जारी कर पहचान के लिए इनाम घोषित किया गया है, जबकि कटिहार में 72 संदिग्धों की तस्वीरें सामने आई हैं।
अगला बदलाव गिरफ्तारियों की संख्या, नई प्राथमिकी या फुटेज से और लोगों की पहचान के रूप में आ सकता है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टें यह भी दिखाती हैं कि अलग-अलग जिलों में आंकड़े तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए गिरफ्तारी संबंधी संख्याओं को संबंधित पुलिस की अगली आधिकारिक जानकारी से मिलान करना जरूरी होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बेगूसराय में छात्र प्रदर्शन क्यों हुआ था?
प्रदर्शन नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया था। एआईएसएफ और आइसा से जुड़े प्रदर्शनकारी जीडी कॉलेज से डीएम कार्यालय तक मार्च लेकर गए और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
बेगूसराय पुलिस ने कितने लोगों की तस्वीरें जारी की हैं?
पुलिस ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर 30 लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार लोगों से उनकी पहचान में सहयोग मांगा गया है।
बेगूसराय मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट में मोहम्मद सनाउल्लाह, मोहम्मद शाहनवाज, अभिषेक कुमार और प्रशांत कुमार के नाम दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर में पहचान बताने पर कितना इनाम है?
मुजफ्फरपुर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान से जुड़ी ठोस सूचना देने पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस ने सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात भी कही है।
कटिहार में कितने संदिग्धों की तस्वीरें जारी हुई हैं?
कटिहार पुलिस ने 72 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं। गिरफ्तारी की संख्या पर अलग-अलग रिपोर्टों में 14 और 21 के आंकड़े दिए गए हैं, इसलिए उपलब्ध स्रोतों से अंतिम संख्या स्पष्ट नहीं है।