अंतिम अद्यतन: 24 जुलाई 2026
नीट पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन बिहार में कई जिलों तक फैल गया है और कुछ जगहों पर हालात पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस तथा हवाई फायरिंग तक पहुंच गए। पटना में शुक्रवार को भी सुरक्षा कड़ी रही, जबकि पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। अलग-अलग जिलों में घायल पुलिसकर्मियों, छात्रों और गिरफ्तारियों की खबरों ने आंदोलन को शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़ाकर कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती बना दिया है।

एक नजर में पूरी स्थिति
छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। देशभर में विरोध प्रदर्शन बिहार से बाहर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और तमिलनाडु तक दर्ज किए गए हैं। बिहार में पटना, जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय उन प्रमुख जगहों में हैं जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें आईं।
पटना में जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ 200 जवान तैनात किए गए और शहर में फ्लैग मार्च किया गया। विधानसभा और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा भी बढ़ाई गई, जबकि भागलपुर में निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा
पटना में बुधवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ। इसी दौरान वाटर कैनन का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गर्मी के बीच कुछ प्रदर्शनकारी पानी की बौछार के दौरान नाचते दिखाई दिए। लेकिन अगले चरण में आंदोलन का स्वरूप गंभीर हो गया और कई जिलों से पथराव तथा पुलिस कार्रवाई की खबरें आने लगीं।

गुरुवार को आंदोलन 18 जिलों तक फैलने की खबर आई। जहानाबाद में डीएम कार्यालय के घेराव और पथराव के बाद पुलिस ने हवाई फायरिंग की। अलग-अलग रिपोर्टों में गोलियों की संख्या अलग बताई गई है; एक रिपोर्ट में जिलाधिकारी के हवाले से 10 राउंड, जबकि दूसरी में पुलिस अधीक्षक द्वारा 30 राउंड की पुष्टि का उल्लेख है। इसलिए निश्चित संख्या पर स्रोतों में एकरूपता नहीं है।
दरभंगा में लोहिया चौक के पास पथराव में शहर के पुलिस अधीक्षक और पुलिसकर्मी घायल हुए। कटिहार में कलेक्ट्रेट के पास टकराव में अंचलाधिकारी सोनू भगत की आंख में गंभीर चोट की खबर है। बेगूसराय में भी पथराव के दौरान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना दी गई।
मुख्य लोग, स्थान और फैसले
इस आंदोलन का केंद्र नीट पेपर लीक का मुद्दा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है। बिहार में पटना प्रशासन के साथ जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय की जिला पुलिस को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल लगाना पड़ा है।
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पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार विशेष परिस्थिति को छोड़कर छुट्टी की अनुमति नहीं होगी। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, प्रमुख स्थानों पर फ्लैग मार्च करने और सामाजिक माध्यमों पर भ्रामक सूचनाओं की निगरानी करने को कहा गया है। वज्र वाहन और वाटर कैनन भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- हवाई फायरिंग
- भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोली चलाने की पुलिस कार्रवाई।
- फ्लैग मार्च
- तनाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सार्वजनिक गश्त, जिसका उद्देश्य मौजूदगी दिखाकर स्थिति नियंत्रित रखना होता है।
- वाटर कैनन
- भीड़ को पीछे हटाने के लिए तेज दबाव से पानी छोड़ने वाला पुलिस उपकरण।
प्रतिक्रिया और जवाब
बिहार विधानसभा में भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक का मुद्दा उठाया, जबकि सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आंदोलन का अधिकार है, लेकिन हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी और हमलों में शामिल लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
दरभंगा में प्रदर्शन से जुड़े डॉ. रिशु ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था और लौटते समय कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया। वहीं प्रशासन ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने की बात कही है।
पटना में हिंसा के बाद गिरफ्तारी के आंकड़ों में भी रिपोर्टों के बीच अंतर है। अलग-अलग समय पर प्रकाशित खबरों में 56 से 58 गिरफ्तारियों का उल्लेख है, जबकि बड़ी संख्या में पहचाने गए लोगों की तस्वीरें जारी कर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
अब किन बातों पर नजर रहेगी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्र संगठनों और सरकार के बीच मांगों पर कोई ठोस संवाद बनता है या आंदोलन अन्य जिलों में और फैलता है। पुलिस की छुट्टियां रद्द होना बताता है कि प्रशासन आने वाले प्रदर्शनों की संभावना को गंभीरता से ले रहा है।
दूसरा अहम पहलू हिंसा से जुड़े मामलों की जांच है। पुलिस वीडियो, सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज के आधार पर पहचान कर रही है। छात्रों के लिए मुख्य मुद्दा पेपर लीक और जवाबदेही बना हुआ है, जबकि आम लोगों के लिए सड़क, रेल और शहर की आवाजाही पर संभावित असर चिंता का विषय है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार में छात्र प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध ने भी आंदोलन को तेज किया है।
किन जिलों में हालात ज्यादा तनावपूर्ण रहे?
पटना, जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय से पथराव, लाठीचार्ज या अन्य पुलिस कार्रवाई की प्रमुख खबरें आई हैं। कुल 18 जिलों में प्रदर्शन होने की सूचना दी गई।
बिहार पुलिस की छुट्टियां क्यों रद्द की गईं?
आंदोलन और संभावित धरना-प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने अगले आदेश तक छुट्टियां रद्द की हैं।
क्या जहानाबाद में पुलिस ने फायरिंग की?
हां, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की पुष्टि हुई है। हालांकि अलग-अलग स्रोतों में चलाए गए राउंड की संख्या अलग बताई गई है।
इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?
प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में यातायात, रेलवे आवाजाही और सरकारी कार्यालयों के आसपास सुरक्षा जांच बढ़ सकती है। पटना सहित कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी पहले ही बढ़ाई जा चुकी है।
