सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद गरमाई सियासत, उठी सीबीआई जांच की मांग

महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जेड-प्लस सुरक्षा के बीच हुए इस हमले में उनके हाथ में चोट आई है, और पार्टी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग की है।

सुखबीर सिंह बादल पर हमला, सीबीआई जांच की मांग तेज
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सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद क्या है पूरा सच? जानिए क्यों उठी सीबीआई जांच की मांग

नांदेड़ के एक गुरुद्वारे में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जेड-प्लस सुरक्षा के बीच हुए इस अचानक हुए हमले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

सुखबीर सिंह बादल पर हमला
सुखबीर सिंह बादल पर हमले के बाद सुरक्षा और जांच को लेकर गरमाई सियासत — Navbharat Times

यह हमला क्यों हुआ और कैसे मची खलबली?

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल जब महाराष्ट्र के हजूर साहिब में मत्था टेकने पहुंचे, तो वहां एक अप्रत्याशित घटना घटी। जब वे निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए हमले को नाकाम कर दिया, लेकिन इस दौरान उनके दाहिने हाथ में चोट लग गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

घटना की पूरी सच्चाई और नांदेड़ पुलिस का बयान

पुलिस के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1:45 बजे एक गुरुद्वारे के पास हुई। नांदेड़ के एसपी डॉ. नीलाभ रोहन ने बताया कि आरोपी की पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई है, जो पिछले करीब दो साल से वहां 'सेवादार' के तौर पर काम कर रहा था। वीआईपी के लिए पूरी जेड-प्लस सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, जिसके कारण अधिकारी तुरंत हरकत में आए और हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया। डॉक्टरों के मुताबिक, बादल के दाहिने हाथ के निचले हिस्से पर करीब चार से पांच सेंटीमीटर का जख्म है और उनके हाथ में दो-तीन टांके आए हैं। इस झड़प में एक सुरक्षाकर्मी को भी मामूली चोटें आई हैं, और दोनों की हालत फिलहाल पूरी तरह स्थिर है।

मामला क्यों गरमाया और सीबीआई जांच की मांग क्यों?

इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अकाली दल के नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। नेताओं का तर्क है कि इस तरह की सुरक्षा के बीच इस प्रकार की घटना होना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। साथ ही, साल 2024 में स्वर्ण मंदिर के बाहर हुई एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए उसकी भी नए सिरे से जांच की मांग उठाई जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे कौन सी ताकतें सक्रिय हैं।

आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक कदम

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नांदेड़ के एसपी से पूरी रिपोर्ट मांगी है और सख्त जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ सिंह शिंदे ने खुद सुखबीर सिंह बादल से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल को फोन कर स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। पुलिस और आतंकवाद रोधी दस्ता (ATS) मिलकर इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि हमलावर का असल मकसद क्या था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • सुखबीर सिंह बादल पर हमला कहां हुआ? यह हमला महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे के पास हुआ, जहां वे मत्था टेकने गए थे।
  • हमलावर कौन है और उसकी क्या पहचान है? हमलावर की पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई है, जो पिछले दो साल से वहां सेवादार के तौर पर रह रहा था।
  • सुखबीर बादल की वर्तमान स्थिति कैसी है? डॉक्टरों के अनुसार उनके हाथ में चोट आई है, टांके लगे हैं और उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है।
  • इस मामले में क्या राजनीतिक मांग की गई है? शिरोमणि अकाली दल ने इस पूरी घटना की पारदर्शी और निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
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लेखक

Ahmed Sezer

वरिष्ठ संपादक

राजनीति, सरकार और सामान्य जनहित के विषयों में विशेषज्ञ।

यह लेख AI-सहायता प्राप्त संपादकीय टूल की मदद से तैयार किया गया और प्रकाशन से पहले Trend Digest के संपादकीय मानकों के तहत समीक्षा की गई।

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