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संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस: प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा- क्या प्रदर्शनकारी छात्र आतंकी थे?

लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का मुद्दा उठाकर सरकार से जवाब मांगा।

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लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछे।

लोकसभा में बोलतीं प्रियंका गांधी
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान संबोधन देतीं प्रियंका गांधी — Navbharat Times

संसद में क्यों बढ़ा राजनीतिक तापमान

संसद का मानसून सत्र लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के साथ अचानक गरमा गया। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस विधेयक पर बहस के दौरान विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही धांधली और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर सत्ता पक्ष को घेरा। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

लोकसभा में क्या-क्या हुआ

चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश भर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी भी बड़े माफिया को सजा नहीं दी गई। उन्होंने आरएमएल (RML) अस्पताल में भर्ती घायल छात्राओं का जिक्र करते हुए सरकार से सीधा सवाल किया।

प्रियंका गांधी का भाषण
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर कसा तंज — AajTak

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को संबोधित करते हुए पूछा:

क्या जरूरत थी उन पर आंसू गैस और लाठियां चलाने की? क्या वे आतंकी थे? किसने आदेश दिया पैलेट गन चलाने का?

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस सांसद

इसके अलावा, नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गई उनकी एक टिप्पणी पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ा ऐतराज जताया और माफी की मांग की। हालांकि विवाद के बाद टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया गया। बहस के दौरान प्रियंका ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें 'कैमरे का नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलने की जरूरत है।'

अब तक की पुष्टि की गई मुख्य बातें

विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन के पटल पर दोनों पक्षों की ओर से कई दावे और तथ्य रखे गए:

  • कड़े कानून का प्रस्ताव: सरकार द्वारा लाए गए संशोधन विधेयक में संगठित पेपर लीक अपराधों के लिए 7 से 10 वर्ष तक के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • गिरफ्तारी और कार्रवाई: बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने बताया कि नीट धांधली के मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और सुधार के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है।
  • छात्रों के आंकड़े: सपा सांसद डिंपल यादव ने दावा किया कि पिछले 40 दिनों के भीतर 20 छात्रों ने आत्महत्या की है, जबकि कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने 21 छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया।
  • विपक्ष के आरोप: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 में कानून बनने के बावजूद स्थायी 'लीकेज' खत्म नहीं हो रहा है।
संसद में विपक्ष का प्रदर्शन
संसद भवन के बाहर और भीतर सरकार को घेरता विपक्ष — Amar Ujala

इस मुद्दे का बड़ा असर और मायने

यह मुद्दा सीधे तौर पर देश के करोड़ों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवारों से जुड़ा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और परीक्षाओं की पारदर्शिता पर लगातार उठ रहे सवालों ने देश की शिक्षा प्रणाली पर गहरा प्रभाव डाला है। जहां सरकार इसे कानून के जरिए फुलप्रूफ बनाने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहा है।

आगे क्या होने की संभावना है

लोकसभा में चर्चा पूरी होने के बाद संशोधन विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों और सीबीआई (CBI) जांच की प्रगति पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता नहीं आती, उनका लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

संसद में किस विधेयक पर चर्चा हो रही है?

लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा की जा रही है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक रोकने के लिए कड़े नियम बनाना है।

प्रियंका गांधी ने लोकसभा में सरकार से क्या सवाल पूछे?

प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने के आदेश देने वाले का नाम पूछा और कहा कि क्या देश के छात्र कोई आतंकवादी थे।

एंटी पेपर लीक बिल में क्या सजा का प्रावधान है?

विधेयक में प्रश्नपत्र लीक करने वाले संगठित समूहों के लिए 7 से 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।