झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे युवाओं के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को उस वक्त बड़ी ताकत मिली, जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों के पक्ष में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं, दिल्ली से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

झारखंड में अचानक क्यों तेज हुआ छात्रों का यह आंदोलन?
इस पूरे बड़े विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह 14वीं जेपीएससी सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम है, जो 2 जुलाई को घोषित हुआ था। परिणाम सामने आते ही अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ तय करने में गंभीर गड़बड़ियों और मेरिट लिस्ट पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने जैसे आरोप लगाए। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा आयोजित कराने का जिम्मा लखनऊ की जिस TDPL एजेंसी को सौंपा गया था, उसे राज्य सरकार द्वारा पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। इसके अलावा, JSSC CGL समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी धांधली और OMR शीट में हेरफेर के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके कारण अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।
सत्याग्रह के नौवें दिन भूख हड़ताल और मशाल जुलूस
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में नौ दिनों से डटे अभ्यर्थियों ने रविवार शाम विशाल मशाल जुलूस निकाला। सैकड़ों युवा हाथों में जलती मशालें और पोस्टर लेकर स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे और नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। महतो ने कहा कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे आए एक महीना बीत चुका है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस फैसला नहीं लिया। राज्य सरकार की इसी उदासीनता के कारण मजबूरी में उन्हें अनिश्चितकालीन अनशन का रास्ता चुनना पड़ा है।

मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई और क्या हैं छात्रों की मांगें?
बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की CID जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (PT) को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।
- विवादास्पद एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच CBI या ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए।
- OMR शीट में धांधली रोकने के लिए भविष्य की सभी परीक्षाओं में 'Not Attempted' का पांचवां विकल्प जोड़ा जाए।
- भ्रष्टाचार और गड़बड़ी में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक हलचल और युवाओं के भविष्य पर असर
इस आंदोलन ने राज्य में राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने तथा मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि उनकी पार्टी अभ्यर्थियों की हर जायज मांग के साथ खड़ी है। आंदोलन में भाग ले रहे अधिकांश छात्र साधारण किसान परिवारों से आते हैं, जिनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे घोटालों के कारण सालों की मेहनत बेकार जा रही है और उनका भविष्य अंधकार में लटक गया है।
आगे क्या होगा?
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और भूख हड़ताल जारी रहेगी। यदि राज्य सरकार जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य में और व्यापक रूप देने की रणनीति बनाई जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- 1. रांची में छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर क्यों बैठे हैं?
- छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
- 2. जेपीएससी परीक्षा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
- 2 जुलाई को जारी 14वीं जेपीएससी PT के नतीजों में कट-ऑफ तय करने में अनियमितता, मेरिट लिस्ट में बिना हस्ताक्षर के परिणाम जारी करने और विवादित कंपनी को ठेका देने के आरोप लगे हैं।
- 3. किस राजनीतिक दल ने छात्रों के आंदोलन को हाल ही में समर्थन दिया है?
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल पर बात कर आंदोलन को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।
- 4. सरकार ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाया है?
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोपों की सीआईडी (CID) जांच के आदेश दिए हैं, हालांकि छात्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग पर अड़े हैं।